Monday, 1 August 2016

ऑटोमेशन से आईटी सेक्टर में छिनेंगी लाखों नौकरियां: मोहदास पाई

हैदराबाद आईटी सेक्टर के दिग्गज टीवी मोहनदास पाई का मानना है कि ऑटोमेशन के लगातार बढ़ने से इस क्षेत्र की करीब 10 प्रतिशत नौकरियां समाप्त हो जाएंगी। वहीं इस कृत्रिम इंटेलिजेंस के दौर में मध्यम स्तर के प्रबंधकों की हर साल करीब आधी नौकरियां पर असर होगा। इन्फोसिस के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) तथा मानव संसाधन प्रमुख पाई ने कहा, 'मेरा मानना है कि आईटी सेक्टर में 10 प्रतिशत नई नौकरियां गायब हो जाएंगी। ऐसे में यदि यह क्षेत्र हर साल दो से ढाई लाख नौकरियों का सृजन करता है, तो इनमें से 25,000 से 50,000 गायब हो जाएंगी।' 

पाई ने कहा कि देश में आईटी उद्योग में 45 लाख लोग कार्यरत हैं। इनमें से मध्य स्तर के प्रबंधकों की संख्या 10 प्रतिशत या 4,50,000 है। इनके कामकाज में ऑटोमेशन से अगले एक दशक में 2,25,000 प्रबंधकों की नौकरियां समाप्त हो जाएंगी। पाई ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि आज बड़ी संख्य में मध्यम प्रबंधक स्तर के लोग सालाना 30 लाख से 70 लाख रुपये का वेतन पा रहे हैं। इनमें से आधे अगले दस साल में नौकरी गंवा देंगे। 

पाई का मानना है कि आईटी इंजिनियरों की नई पीढ़ी के पास बेहतर कौशल तथा गहरा तकनीकी ज्ञान जरूरी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बीटेक की डिग्री रखने वालों के लिए संभावनाएं कम से कमतर होती जाएंगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आईटी नियुक्ति अब अधिक से अधिक विशेषज्ञता वाली हो जाएगी। कंपनियां ऊंची और अधिक विशेषज्ञता स्तर की तलाश में रहेंगी। 

उन्होंने कहा कि मैं नई पीढ़ी के आईटी प्रफेशनल्स को पोस्ट ग्रैजुएशन करने की सलाह दूंगा। मणिपाल ग्लोबल एजुकेशन के चेयरमैन ने कहा कि एक सामान्य बीटेक आज दसवीं की तरह है, क्योंकि आपको अगले 30 साल तक काम करना है।

Courtesy: India times. Com

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