Saturday, 4 March 2017

बुजुर्गो के रेल टिकट के लिए आधार जरूरी नहीं

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पहली अप्रैल से आरक्षित रेल टिकटों की बुकिंग के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता से बुजुर्गो को छूट मिलेगी। आधार कार्ड हो या न हो, उन्हें बुकिंग के वक्त किराये में रियायत का लाभ भी मिलेगा। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने अपने पुराने निर्देशों में संशोधन किया है।

आरक्षित रेल टिकटों की बुकिंग में धांधली रोकने तथा दलालों की घुसपैठ पर लगाम लगाने के लिए रेलवे बोर्ड ने पिछले साल 30 नवंबर को सभी जोनल महाप्रबंधकों को एक आफिस लेटर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 1 अप्रैल, 2017 से रेल टिकटों की बुकिंग के वक्त यात्री के आधार नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। विंडो टिकट के मामले में आरक्षण पर्ची पर, जबकि आनलाइन टिकट के मामले में आइआरसीटीसी की वेबसाइट पर आधार का उल्लेख करने की बात कही गई थी।

रेलवे बोर्ड के इस प्रस्ताव का खूब प्रचार हुआ। ज्यादातर लोगों ने इसे सामान्य तौर पर लिया। लेकिन जिनके यहां बुजुर्ग हैं, या जो लोग खुद सीनियर सिटीजन हैं, वे बेचैन हो उठे। क्योंकि कई बुजुर्गो का आधार कार्ड बनना संभव नहीं होता। अधिक उम्र के कारण उनकी अंगुलियों के निशान घिस जाते हैं जिससे मशीन उनकी छाप नहीं ले पाती। अस्सी साल से अधिक उम्र के बुजुर्गो के मामले में यह समस्या आम है।

देश भर से इस संबंध में शिकायतें प्राप्त होने के बाद अंतत: रेलवे बोर्ड ने नवंबर के आफिस लेटर में संशोधन करते हुए बुजुर्गो को आधार की अनिवार्यता से छूट देने का फैसला किया है। इस संबंध में 7 फरवरी, 2017 को महाप्रबंधकों को नया पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि 30 नवंबर, 2016 को जारी आफिस लेटर के पैरा 3 और पैरा 6 में दिए गए निर्देशों को वापस लिया जाता है। इसी के साथ स्पष्ट किया गया है कि वरिष्ठ नागरिकों को 'आधार' की अनिवार्यता के नाम पर रियायत से वंचित नहीं किया जाएगा। भले ही उनके पास आधार कार्ड हो या न हो। हालांकि अन्य यात्री वर्गो को बुकिंग व रियायत पाने के लिए 1 अप्रैल, 2017 से आधार नंबर देना पड़ेगा।

Source:jagran.com

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