Tuesday, 28 March 2017

बिना उचित मंजूरी निर्माण हुआ तो गिरा दी जाएंगी सुपरटेक की दोनों टॉवर

नई दिल्ली, प्रेट्र । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सुपरटेक की नोएडा में 40 मंजिला दो रिहायशी इमारतों का निर्माण अगर बिना उचित मंजूरी के किया गया तो उन्हें गिरा दिया जाएगा। इसके साथ ही अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई के लिए नौ अगस्त की तारीख तय कर दी।

जस्टिस दीपक मिश्रा और एएम खानविल्कर की पीठ इलाहाबाद हाई कोर्ट के 11 अप्रैल, 2014 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाई कोर्ट ने सुपरटेक की उक्त दोनों टॉवरों 'एपेक्स' और 'सेनेन' को गिराने और इनमें घर खरीदने वालों को तीन महीने के भीतर 14 प्रतिशत ब्याज के साथ उनका पैसा लौटाने का आदेश दिया था। दोनों टॉवरों में कुल 857 अपार्टमेंट हैं जिनमें से 600 बिक चुके हैं।

सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कहा कि घर खरीदने वाले निवेशक अगर इस परियोजना से निकलना चाहते हैं तो वे ऐसा कर सकते हैं। जो इसमें बने रहना चाहते हैं वे भी ऐसा कर सकते हैं क्योंकि बिल्डर ने भी हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। नोएडा अथॉरिटी की ओर से पेश वकील ने बताया कि इस इमारत के लिए मंजूर की गई योजना दिशानिर्देशों के मुताबिक थी और वह इस मामले में हाई कोर्ट के निष्कर्ष से प्रभावित हुआ है।

घर के कुछ खरीदारों ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद बिल्डर उनकी धनराशि लौटा नहीं रहा है। बिल्डर के वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने खरीदारों को धनराशि लौटाई है। जो भी धनराशि लौटाने का आवेदन करता है तो चार हफ्ते में उसके आवेदन का निपटारा कर दिया जाएगा और उसकी मूल राशि लौटा दी जाएगी। अदालत ने भी कहा कि उसके पूर्व के आदेश के मुताबिक बिल्डर ने पांच करोड़ रुपये जमा कराए हैं। इससे पहले शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (एनबीसीसी) को आदेश दिया था कि वह सुपरटेक की इन दोनों टॉवरों का निरीक्षण कर बताए कि कहीं इनका निर्माण मंजूर योजना का उल्लंघन करके हरित क्षेत्र में तो नहीं हुआ है।

Source:jagran.com

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