नई दिल्ली
देश में उस मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम तेज कर दिया गया है जिसे दिल्ली और दूसरे मेट्रो शहरों की सुरक्षा के लिए तैनात किए जाने की योजना है। इसके लिए अगले दो साल में अहम टेस्ट पूरे करने का लक्ष्य तय किया गया है। टेस्ट के बाद सिस्टम की तैनाती होने पर हजारों किलोमीटर की दूरी से आने वाली दुश्मन की मिसाइलों को भी तबाह किया जा सकेगा।
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के बलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (बीएमडी) कार्यक्रम के तहत दिल्ली जैसे शहरों को दो स्तरों पर दुश्मन की मिसाइलों से बचाने की तैयारी की जा रही है। यह दो स्तर एंडो (वायुमंडल के अंदर) और एक्सो (वायुमंडल के बाहर) हैं। एक्सो के तहत 50 से 150 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर दुश्मन की मिसाइल को निशाना बनाया जा सकेगा, जबकि एंडो के तहत 15 से 25 किलोमीटर की ऊंचाई पर दुश्मन देश की मिसाइलों को नष्ट किया जा सकेगा।
इस प्रोग्राम के तहत 11 फरवरी को एक्सो लेवल पर मिसाइल पर टेस्ट किया गया था। तब 97 किलोमीटर की ऊंचाई पर टारगेट मिसाइल को निशाना बनाया गया था। भारत इस उपलब्धि के साथ अमेरिका, रूस, चीन और इजरायल के क्लब में शामिल हो गया था। फिर 2 मार्च को अडवांस्ड एयर डिफेंस (एएडी) इंटरसेप्टर से एंडो स्तर पर मिसाइल को निशाना बनाया गया। सूत्रों के मुताबिक इसमें 15 किलोमीटर की ऊंचाई का लक्ष्य हासिल किया गया था।
दिल्ली जैसे शहरों के लिए बीएमडी सिस्टम की तैनाती से पहले जरूरी है कि इसका इंटग्रेटिड यानी एंडो और एक्सो स्तर पर एक साथ टेस्ट हो। डीआरडीओ के शीर्ष सूत्रों ने माना कि यह बड़ी चुनौती है लेकिन इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चर्चा थी कि मिसाइल ढाल को 2014 तक दिल्ली में तैनात कर दिया जाएगा। लेकिन शीर्ष सूत्रों का कहना है कि सटीकता हासिल करने में समय लगता है। डीआरडीओ ने 90 के दशक में बीएमडी का विकास शुरू किया था।
Source:indiantimes.com
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