तेहरान, एएफपी/रायटर : ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल समर्थक 15 अमेरिकी कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनियों पर इजरायल की आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का भी आरोप लगाया गया है। अब इनकी ईरान स्थित संपत्तियों को जब्त की जा सकेगी और इनके प्रतिनिधियों को तेहरान का वीजा भी नहीं मिल सकेगा। दो दिन पहले अमेरिका ने ईरान और उत्तर कोरियाई मिसाइल कार्यक्रम में सहयोग करने के आरोप में दुनिया की 30 कंपनियों को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया था।
ईरान के कदम को सांकेतिक माना जा रहा है, क्योंकि ये कंपनियां तेहरान में सक्रिय नहीं हैं। प्रतिबंधित कंपनियों में जानीमानी रक्षा तकनीक कंपनी रेथॉन, यूनाइटेड टेक्नोलॉजीज, आइटीटी कॉरपोरेशन, मैग्नम रिसर्च आइएनसी, मिलिट्री अर्मामेंट कॉरपोरेशन, बुशमास्टर फायरआर्म्स इंटरनेशनल, रे/मैक्स रियल एस्टेट आदि शामिल हैं। रे/मैक्स रियल एस्टेट इजरायल-फलस्तीन के विवादित क्षेत्र में भवनों का खरीद-फरोख्त करती है। अन्य कंपनियां इजरायल को हथियार और उपकरण मुहैया कराती हैं। ईरान का कहना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल फलस्तीन के खिलाफ किया जाता है। तेहरान ने इनपर मानवाधिकार उल्लंघन का भी आरोप लगाया है। इन कंपनियों के साथ अब किसी भी तरह का लेनदेन प्रतिबंधित होगा।
अमेरिकी सांसद तेहरान पर दबाव बढ़ाने की नीति के तहत ईरानी सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आतंकी संगठन की सूची में डालने पर विचार कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका की कमान संभालने के बाद दोनों देशों के रिश्ते और तल्ख हो गए हैं। ट्रंप ईरान के विवादास्पद परमाणु कार्यक्रम पर हुए समझौते का विरोध करते रहे हैं। ईरान ने प्रतिबंध में छूट के एवज में परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर सहमत हुआ है।
संपत्ति जब्ती के खिलाफ अपील करेगा ईरान
ईरान 9/11 हमलों के पीडि़तों को मुआवजा देने के लिए 1.6 अरब डॉलर (10,460 हजार करोड़) मूल्य की संपत्ति जब्त करने के लक्जेम्बर्ग कोर्ट के फैसले को चुनौती देगा। देश के सेंट्रल बैंक ने रविवार को इसकी घोषणा की है। बैंक ने डॉलर में लेनदेन पर जारी निर्भरता को भी सीमित करने की बात कही है। न्यूयॉर्क की एक अदालत हमले के लिए ईरान को आंशिक तौर पर जिम्मेदार ठहरा चुकी है।
Source:jagran.com
No comments:
Post a Comment