Wednesday, 15 March 2017

तनूर हिंसा पर केरल विधानसभा में हुआ जमकर हंगामा

तिरुवनंतपुरम, (पीटीआई)। मंगलवार को केरल विधानसभा में तनुर हिंसा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री पी. विजयन ने इस मामले पर 'असहिष्णुता की राजनीति' करने का आरोप लगाया तो वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ ने इस मामले पर सदन से वॉकआउट किया।

जैसे ही सदन की शुरुआत हुई कि विपक्षी विधायकों ने सदन में जमकर नारे लगाने शुरू कर दिए। तनूर विधायक की तरफ से की गई कुछ टिप्पणियों से नाराज हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में एक 'लक्ष्मण रेखा' होनी चाहिए।

एन शम्सडेन (आईयूएमएल) की ओर से चलाए गए हिंसा पर स्थगन प्रस्ताव के नोटिस के जवाब में मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कहा कि मलप्पुरम जिले के तनूर में सीपीआई (एम) -आईयूएमएल के कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा के सिलसिले में रविवार तक 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि 2000 संदिग्ध लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र 2016 से हिंसा का साक्षी रहा है। विधानसभा चुनावों से एलडीएफ के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार वी वी अबू रहिमान ने तनूर से जीत हासिल की थी।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि तानूर हिंसा कुछ लोगों की असहिष्णुता की राजनीति का नतीजा है। उन्होंने आगे कहा कि  दोनों समूहों के घरों और वाहनों को जला कर नष्ट कर दिया गया था। इसमें  कम से कम 12 पुलिस कर्मियों को घायल हुए थे। उनमें से एक पुलिसकर्मी पत्थर फेंकने से लगी चोट में गंभीरता से घायल हो गए थे।

उन्होंने कहा कि इस इलाके में कई मछुआरों के घर और उनके मछली पकड़ने के उपकरण नष्ट हो गए थे, जिस कारण महिलाओं और बच्चों को इस क्षेत्र से बाहर जाना पड़ रहा था। पी. विजयन कहा कि ऐसी घटनाएं कश्मीर में हो रही घटनाओं से भी बदतर थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के कर्मचारियों ने आईयूएमएम कर्मचारी के घर में पेट्रोल बम फेंके उन्होंने आरोप लगाया गया कि पुलिस ने गर्भवती महिलाओं और छात्रों को भी नहीं छोड़ा था।

Source:jagran.com

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