Saturday, 4 March 2017

SC का आदेश- किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए सरकार बनाए रोड मैप

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से किसानों की आत्महत्या रोकने के लिए रोडमैप बनाने को कहा है। कोर्ट ने इसके लिए सरकार को 3 हफ्ते का वक्त दिया है। चीफ जस्टिस जे एस खेहर की बेंच ने कहा कि सिर्फ मरने वाले किसान के परिवार को मुआवजा देना काफी नहीं है, आत्महत्या की वजहों को पहचानना और उनका हल निकालना जरूरी है। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने केंद्र और सभी राज्यों को नोटिस जारी किया था।

वर्ष 2014 में एनजीओ सिटीजन्स रिसोर्स एंड एक्शन इनिशिएटिव की तरफ से दाखिल याचिका गुजरात को लेकर थी लेकिन कोर्ट ने इसका दायरा बढ़ाते हुए पूरा देश कर दिया। याचिका में दावा किया गया था कि गुजरात में 2003 से 2013 के बीच 619 किसानों ने आत्महत्या की। याचिकाकर्ता की मांग थी कि इन किसानों के परिवारों को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए लेकिन कोर्ट ने कहा कि समस्या पूरे देश में है, इसका हल निकाला जाना जरूरी है। केंद्र की तरफ से कहा गया कि वर्ष 2015 में शुरू की गई फसल बीमा योजना से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे आत्महत्या के मामलों में गिरावट की उम्मीद है।

कोर्ट ने कहा कि समस्या कई दशक से चली आ रही है। अभी तक इसकी वजहों से निपटने के लिए कोई ठोस एक्शन नही लिया गया है। इस मामले पर अगली सुनवाई अप्रैल के आखिरी हफ्ते में होगी। याचिकाकर्ता के वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा कि सच यही है कि सरकार के पास कोई योजना है ही नहीं। सरकार अपनी योजनाओं का बखान करती है लेकिन ये सब बेअसर हैं। इसलिए कोर्ट ने रोडमैप मांगा है, सरकार को अब सोच-समझ के ठोस जवाब दाखिल करना चाहिए।

Source:hike.in

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