नई दिल्ली, प्रेट्र। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कानपुर शाखा के तीन कर्मचारियों पर सीबीआइ ने धोखाधड़ी के मामले में केस दर्ज किया है। इन तीनों पर नोटबंदी के दौरान एक करोड़ के काले धन को नए नोटों में बदलने का आरोप है।
केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआइ ने इन बैंक अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। इन अफसरों ने 8 नवंबर 2016 के बाद नोटबंदी के दौरान एक हजार और 500 रुपये के नोटों को नियमों का उल्लंघन करते हुए बदल दिया था।
उल्लेखनीय है कि नोटबंदी के दौरान रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआइ) ने अपने उपयुक्त आइडी के साथ प्रतिदिन अधिकतम 4000 रुपये ही निकालने की अनुमति दी थी। लेकिन सीबीआइ की एफआइआर के मुताबिक 10 नवंबर 2016 से लेकर 23 नवंबर 2016 के बीच एकाउंटेंट राम नारायण, हेड कैशियर विनीत सोनकर और रजनी कुंदर ने आपराधिक साजिश के तहत सभी प्रवष्टियों को खुद ही भरा और अन्य बैंक अधिकारियों और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है।
इस साजिश के तहत उन्होंने 1.17 करोड़ कीमत के पुराने नोट नए नोटों से बदल दिए जो आरबीआइ ने जारी किए थे। इस प्रक्रिया में उन्होंने कोई नोटेक्स फार्म नहीं भरा और एसबीएन (पुराने नोटों) को भी अवैध रूप से दर्ज नहीं किया।
Source:jagran.com
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