जिनीवा
दुनिया की पहली रिफ्यूजी ओलिंपिक टीम की तैराक युसरा मरदिनी को संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी उच्चायोग (UNHCR) का गुडविल ऐंबैसडर नियुक्त किया गया है। युसरा सीरिया से आईं शरणार्थी हैं। वह UN की रिफ्यूजी एजेंसी के साथ काम करने वाली सबसे कम उम्र की गुडविल ऐंबैसडर हैं।
19 साल की युसरा ने पिछले साल ब्राजील में आयोजित रियो ओलिंपिक्स खेलों में भाग लिया था। वह पहली रिफ्यूजी ओलिंपिक टीम का हिस्सा थीं। युसरा सीरिया से भागकर जर्मनी पहुंचा थी। जर्मन सरकार ने उन्हें अपना यहां शरण दी।
UN में शरणार्थियों के उच्चायुक्त फिलिपो ग्रैंडी ने कहा, 'युसरा काफी युवा हैं और उनका व्यक्तित्व बेहद प्रेरित करने वाला है। उनकी निजी जिंदगी का सफर भी काफी प्रभावशाली है। युसरा का संघर्ष औरों को उम्मीद देता है। दुनिया भर में फैले 10 लाख से भी ज्यादा युवा शरणार्थियों को युसरा की कहानी यकीनन काफी प्रेरित करेगी।' सीरिया से भागकर यूरोप पहुंचने के अपने सफर के दौरान युसरा ने कई जोखिम लिए। इस दौरान उनकी जान भी जा सकती थी। जिस नाव में वह बैठी थीं, वह बीच समुद्र में डूबने लगी। जान बचाने के लिए अपनी 21 साल की बहन सारा के साथ वह भी समुद्र में कूद गईं। सारा और युसरा ने मिलकर नाव को धक्का दिया और उसमें बैठे 20 लोगों को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया।
Source:indiatimes.com
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