Thursday, 12 April 2018

हिंदू विवाह अधिनियम में नहीं होगा कोई बदलाव: सुप्रीम कोर्ट

हिंदू विवाह अधिनियम में नहीं होगा कोई बदलाव: सुप्रीम कोर्ट


सुप्रीम कोर्ट ने 'हिंदू विवाह अधिनियम' में संशोधन की मांग से इंकार कर दिया है। हिंदू महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला लिया गया है। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी शादी जबरन कराई गई अतः उसने याचिका दायर की थी कि विवाह के समय दोनों पक्षों की सहमति अनिवार्य की जाए। महिला और पुरुष दोनों की रजामंदी के बाद ही विवाह को वैध माना जाए। एससी ने इस याचिका को खारिज करते हुए फैसला लिया है कि हिंदू विवाह अधिनियम में पहले से यह कानून है कि यदि विवाह के दोनों पक्षों में से किसी एक ने विवाह झूठ और धोखे से किया है तो विवाह रद्द माना जायेगा। ऐसे मामले में दोनों में से कोई भी स्थानीय कोर्ट में विवाह को अवैध घोषित करने की अर्जी डाल सकता है।

No comments:

Post a Comment