स्वंयभू संत आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने नाबालिक लड़की के साथ दुष्कर्म मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले में सह आरोपी शिल्पी और शरतचंद्र को 20-20 साल की सजा और 50-50 हजार का जुर्माना लगाया है, वहीं अन्य दो आरोपी प्रकाश और शिव को बरी कर दिया है। पूरा मामला 2013 का है, जहां नाबालिक के साथ आसाराम ने जोधपुर के निकट मनई आश्रम में बलात्कार किया था। सजा के एलान के बाद पीड़िता के पिता ने न्यायपालिका को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज उनकी बेटी को न्याय मिला है।

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