Friday, 31 March 2017

नोटबंदी: पुरानी करेंसी बदलने का आखिरी दिन, कैदी से लेकर NRI तक कतार में

नोटबंदी के बाद पुरानी नोट बदलने की उम्मीद के आखिरी घंटा

केन्द्र सरकार और रिजर्व बैंक के लिए नोटबंदी की आखिरी प्रक्रिया 31 मार्च को खत्म हो रही है. सुबह से रिजर्व बैंक के बाहर लंबी कतार लगी है. देशभर में लोग प्रतिबंधित हुई 500 और 1000 रुपये की करेंसी को रिजर्व बैंक में जमा कराने के लिए परेशान हो रहे हैं.

नोटबंदी के ऐलान के बाद जेल से छूटे कैदी
रिजर्व बैंक के बाहर कतार में लगे लोगों से 'आज तक' संवाददाताओं ने बात की. कतार में लगे एक ऐसे ही व्यक्ति ने बताया कि नोटबंदी के ऐलान के वक्त वह जेल की सलाखों के पीछे था. जब वह जेल से छूटकर बाहर आया तो उसे अपने घर में 16,000 की पुरानी करेंसी मिली. लेकिन इन आखिरी घंटों में उसे कम उम्मीद है कि वह इन पैसों के बदले जारी हुई नई करेंसी उसे मिल पाएगी.

मां के निधन के बाद मिली पुरानी करेंसी
वहीं रिजर्व बैंक की कतार में लगा एक ऐसा बेटा भी है जिसकी मां का कुछ दिन पहले निधन हो गया. निधन के बाद उसे मां के बक्से में कई प्रतिबंधित करेंसी मिली. इस करेंसी को रिजर्व बैंक में जमाकर नई करेंसी पाने की जद्दोजहद में पड़े इस आदमी का कहना है कि तबीयत खराब होने के कारण उसकी मां को न तो नोटबंदी का ऐलान समझ में आया और न ही यह जानकारी थी कि 500 और 1000 रुपये की पुरानी करेंसी प्रतिबंधित की जा चुकी है.

पासपोर्ट एंट्री पर बदल रहे नोट
चंडीगढ़ में आरबीआई के रीजनल सेंटर में काफी लोग अपने हाथ में पुराने नोट लेकर उनको बदलवाने के लिए पहुंच रहे हैं. लेकिन यहां पर ये पुराने नोट नहीं बदले जा रहे हैं. हालांकि आरबीआई के दफ्तर के बाहर एक नोटिस लगा है जिस पर लिखा है कि ऐसे लोग जो कि नोटबंदी के दौरान देश में नहीं थे वो अपने दस्तावेज दिखा कर (पासपोर्ट) पुराने नोट बदल सकते हैं.

आरबीआई के रीजनल ऑफिस में नहीं बदला जा रहा नोट
कुछ NRI ऐसे भी हैं जो कि RBI के रीजनल सेंटर पर पहुंचे हैं. उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा और पुराने नोट नहीं बदले जा रहे हैं. ये NRI अपने हाथों में अपने पासपोर्ट और दूसरे तमाम दस्तावेज लेकर रीजनल ऑफिस के बाहर जमे हैं.

आरबीआई की दफ्तर के बाहर कुछ लोग इस उम्मीद पर भी आए हैं कि पुराने नोट जमा करने में आरबीआई कुछ नरम रुख ले ले और वह अपनी पुरानी करेंसी को जमा करा दें. लेकिन इनको भी आरबीआई के दफ्तर में जाने नहीं दिया जा रहा.

Source:aajtak.in

पीपीएफ सहित कई स्कीम की ब्याज दरों में कटौती

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सरकार ने छोटे बचत स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती कर दी है. ये स्कीम हैं- पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड), किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि खाता और वरिष्ठ नागरिक बचत.

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक़ अप्रैल-जून तिमाही से इन स्कीमों की ब्याज दरों में 0.1 फ़ीसदी की कटौती की गई है.

सुकन्या समृद्धि स्कीम बच्चियों के लिए है, जिस पर 8.4 फ़ीसदी वार्षिक ब्याज दर है. वित्त मंत्रालय ने कहा है कि नई ब्याज दर 2016-17 की चौथी तिमाही के लिए है जो एक अप्रैल 2017 से शुरू होगा.

इसी तरह किसान विकास पत्र पर ब्याज दर 7.6 फ़ीसदी हो जाएगी. पांच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर 8.4 फ़ीसदी और पांच वर्षीय नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट पर ब्याज दर 7.9 फ़ीसदी हो जाएगी.

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हालांकि बचत खाता पर ब्याज दर सालाना 4 फ़ीसदी ही है. एक से पांच साल के लिए सावधि जमा योजना पर ब्याज दर 6.9-7.7 फ़ीसदी हो गई है. इसका भुगतान तिमाही में होगा. पांच वर्षीय आरडी पर ब्याज दर कम करके 7.2 फ़ीसदी कर दी गई है.

वित्तीय व्यवस्था में ब्याज दरों में कमी आने के बाद इन स्कीमों की ब्याज दरों में कटौती की गई है. इससे पहले इपीएफओ ने पीएफ में ब्याज दरों में कटौती का फ़ैसला किया था. 2015-16 में पीएफ पर ब्याज दर को 8.8 फ़ीसदी से 8.65 फ़ीसदी कर दिया गया था.

पिछले साल अप्रैल से सभी छोटी बचत स्कीमों की ब्याज दरों में तिमाही आधार पर बदलाव किया गया था. ब्याज दरों को सरकारी बॉन्डों के मुनाफे से जोड़ दिया गया है. श्यामला गोपीनाथ पैनल ने सिफारिश की थी कि ब्याज दरों को प्रत्येक तिमाही आधार बदलाव किया जाना चाहिए.

Source:bbc.com

हाईवे पर 500 मीटर के दायरे में नहीं छलकेंगे जाम, SC से नहीं मिली राहत

नई दिल्ली, एएनआई। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे पर आने वाली शराब की दुकानों को लेकर अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने शराब दुकानों के मालिकों को कोई राहत नहीं दी है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे इलाके जहां आबादी 20 हजार से कम है वहां हाईवे से 220 मीटर की दूरी पर शराब की दुकान खोल सकेंगे। 20 हजार से ज्यादा आबादी होने पर शराब की दुकानों को हाईवे से 500 मीटर की दूरी पर खोलना होगा।

इससे पहले गुरुवार को सुनवाई के दौरान वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के सामने अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि एक अप्रैल से राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में ठेके पर पाबंदी के आदेश से तो कई राज्यों के बजट बिगड़ जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि गत 15 दिसंबर के आदेश में खामियां हैं। कई बातों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि कई शहर राज्य राजमार्गों से बिल्कुल सटे हुए हैं, ऐसे में वे लोग कहां जाएं। मालूम कि कुछ राज्य सहित अन्य संगठनों ने 15 अगस्त में फेरबदल की गुहार की है।

दरअसल पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया था कि राष्ट्रीय राजमार्गों और स्टेट हाईवे से 500 मीटर तक शराब की दुकानें नहीं होंगी। हालांकि उसमें यह भी साफ किया गया कि जिनके पास लाइसेंस हैं उनके खत्म होने तक या 31 मार्च 2017 तक जो पहले हो, इस तरह की दुकानें चल सकेंगी। यानी एक अप्रैल 2017 से हाईवे पर इस तरह की दुकानें नहीं होंगी।

Source:jagran.com

उड़ने को तैयार धरती और पानी पर उतरने वाला सबसे बड़ा विमान

शंघाई, रायटर : चीन में बना दुनिया का सबसे बड़ा एंफीबियस (जल-थल दोनों पर उतरने में सक्षम) विमान पहली उड़ान के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, विमान एजी-600 मई में जमीन से पहली उड़ान भरेगा। इसकी समुद्र से पहली उड़ान भी इस साल के अंत तक होने की संभावना है।

इस विमान का निर्माण चीनी कंपनी एविएशन इंडस्ट्री कॉर्प ऑफ चाइना (एवीआइसी) ने किया है। बोइंग 737 के आकार वाले दुनिया के इस सबसे बड़े एंफीबियस विमान को बनाने में एवीआइसी को करीब आठ साल का समय लगा। चीन इस समय सेटेलाइट रोधी मिसाइल बनाने से लेकर रडार से छिपने में सक्षम विमान बनाने तक तमाम सैन्य आधुनिकीकरण के कार्यक्रम में जुटा है।

चीन स्वदेशी विमान वाहक भी तैयार कर रहा है। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वु क्यान ने कहा कि लोगों को इस बारे में अच्छी खबर सुनने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हालांकि माना जा रहा है कि विमान वाहक बनने में अभी कुछ वर्ष का समय लगेगा।

Source:jagran.com

योगी सरकार के एंटी रोमियो अभियान को हाईकोर्ट ने सही ठहराया

लखनऊ (जेएनएन)। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने महिलाओं से छेडख़ानी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गठित एंटी रोमियो पुलिस स्क्वॉड के गठन पर मुहर लगा दी है। कोर्ट ने कहा है कि इसमें कोई कानूनी या संवैधानिक अवरोध नहीं है। कोर्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए तमिलनाडु व गोवा की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी कानून बनाने को कहा है।

जस्टिस एपी साही व जस्टिस संजय हरकौली की बेंच ने यह आदेश वकील गौरव गुप्ता की याचिका पर दिया। कोर्ट ने सादे कपड़ों में पुलिस द्वारा कई जगह छापेमारी कर महिलाओं से छेडख़ानी करने वाले शोहदों का वीडियो बनाने और इसे मीडिया व सोशल मीडिया पर वायरल करने में कोई गलती नहीं पाई। कोर्ट ने ऐसे पुलिस दलों के जरिये कार्यवाही करने पर रोक की याची की मांग सिरे से नकार दी। कोर्ट ने कहा कि वास्तव में यह मॉरल पुलिसिंग नहीं, बल्कि प्रिवेंटिव पुलिसिंग यानी ऐसी पुलिसिंग है, जिसका काम महिलाओं के खिलाफ सरेआम छेडख़ानी को होने से पहले से रोकना है।

याचिका में कहा गया था कि एंटी रोमियो स्क्वॉड के जरिये पुलिस लोगों की प्राइवेसी भंग कर रही है और नौजवान जोड़ों को परेशान कर रही है। याची ने पुलिस दल का नामकरण एंटी रोमियो स्क्वॉड करने पर भी एतराज जताया। कोर्ट ने सुनवाई करते समय सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और एसएसपी मंजिल सैनी को दोपहर दो बजे तलब किया कि वह बताएं कि किस नियम-कानून के तहत इस प्रकार के स्क्वॉड का गठन किया गया है और किस नियम के तहत पुलिस वाले सादी वर्दी में छापेमारी कर रहे है। मंजिल सैनी दो बजे हाजिर हुईं और कोर्ट को बताया कि यह कार्य सीआरपीसी, आइपीसी पुलिस एक्ट व पुलिस रेगुलेशन के प्राविधानों के तहत बिल्कुल कानूनी है। उन्होंने डीजीपी के दिशानिर्देश व स्वयं की ओर से जारी आफिस मेमोरेंडम को भी कोर्ट में पेश किया, जिसमें साफ था कि किसी पर किसी प्रकार की ज्यादती न होने पाए। 

Source:jagran.com

31 मार्च को खत्म हो जाएगी रिलायंस जियो प्राइम मेंबर बनने की मियाद, जानिए क्या होगा उसके बाद

कंपनी की वॉयस कॉलिंग हमेशा के लिए मुफ्त हैं, लेकिन डेटा के लिए रिचार्ज कराना होगा   

रिलायंस जियो की मुफ्त सुविधाएं 31 मार्च (शुक्रवार) को खत्म हो जाएगी। 1 अप्रैल से जियो ग्राहकों को सुविधा पाने के लिए चार्ज देना होगा। हालांकि कंपनी की वॉयस कॉलिंग हमेशा के लिए मुफ्त हैं, लेकिन डेटा के लिए रिचार्ज कराना होगा। वॉयस कॉलिंग का इस्तेमाल भी तभी किया जा सकता है, जबकि ग्राहक ने जियो नंबर पर कोई ना कोई रिचार्ज किया हुआ हो।

शुक्रवार को ही जियो के प्राइम मेंबरशिप के लिए रजिस्ट्रेशन की मियाद भी खत्म हो रही है। प्राइम मेंबर बनने के लिए 99 रुपए का शुल्क देना होता है, और प्राइम मेंबर्स को 1 अप्रैल से साधारण ग्राहकों के मुकाबले ज्यादा सुविधाएं मिलती रहेंगीं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स का मानना है कि रिलायंस जियो प्राइम मेंबर्स बनने की अवधि 30 अप्रैल कर सकती है। हालांकि कंपनी ने हाल ही में आंकड़े जारी किए हैं जिसमें कहा गया है कि 5 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों ने प्राइम मेंबरशिप के लिए रजिस्ट्रेशन कर लिया है। ऐसे में मियाद बढ़ाए जाने की उम्मीद कम ही है।

1 अप्रैल के बाद: प्राइम मेंबर्स के लिए

रिलायंस जियो के प्राइम मेंबर्स 303 रुपए के रिचार्ज में 1 अप्रैल से हैप्पी न्यू ईयर ऑफर के तहत दी गई सभी सुविधाओं को जारी रख सकेंगे। इसमें प्रतिदिन 1 जीबी का 4जी डेटा, वॉयस कॉलिंग, एसएमएस, जियो ऐप्स का सब्सक्रिप्शन आदि सुविधाएं मिलेंगी। जियो प्राइम मेंबर्स के लिए सबसे छोटा रिचार्ज 149 रुपए का है। इसमें 2 जीबी डेटा और 28 दिन की वैलिडिटी मिलेगी। इसके अलावा 499 और 999 से लेकर 9999 रुपए तक के प्लान मौजूद हैं। इन्हें 499 रुपए में 56 जीबी, 999 रुपए में 60 जीबी 4जी डेटा मिलेगा।

जियो की वेबसाइट पर दिया गया रिचार्ज प्लान

1 अप्रैल के बाद: नॉन-प्राइम मेंबर्स के लिए

नॉन-प्राइम मेंबर्स के लिए भी सभी प्लान की कीमत वही रखी गई है, बस इसमें मिलने वाले डेटा की लिमिट कम दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर 303 रुपए वाले प्लान में जहां प्राइम मेंबर्स 28 जीबी 4जी डेटा का लाभ लेते हैं, वहीं इन ग्राहकों को केवल 2.5 जीबी डेटा मिलेगा। इसी तरह 149 रुपए में 1 जीबी, 499 रुपए में 5 जीबी, 999 रुपए में 12.5 जीबी 4जी डेटा मिलेगा।

Source:jansatta.com

टैक्स विरोध : एक अप्रैल से देश भर में ट्रकों का चक्‍का जाम

कोलकाता | कुछ ट्रंक संचालकों द्वारा एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी के साथ नए वित्त वर्ष (2017-18) के शुरू होते ही देशभर में जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित होने के आसार हैं। ट्रक संचालकों ने थर्ड पार्टी बीमा की दरों में तेज वृद्धि के विरोध में यह हड़ताल बुलाई है।

साउथ इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने गुरुवार से ही अश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इसके अलावा ऑल इंडिया कन्फेडरेशन ऑफ गुड्स व्हिकल ओनर्स एसोसिएशन (एसीओजीओए) ने एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।

एसीओजीओए के अध्यक्ष चन्ना रेड्डी ने आईएएनएस से कहा, “हम एक अप्रैल से सड़कों पर ट्रक नहीं उतारेंगे। हम थर्ड पार्टी बीमा की दरों में अचानक तेज वृद्धि किए जाने का विरोध कर रहे हैं, जिसमें 2002 के बाद से अब तक 800 गुना की वृद्धि की जा चुकी है।”

बीमा नियामक विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) के थर्ड पार्टी बीमा की दरों में वृद्धि के प्रस्ताव का विरोध करते हुए ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के अध्यक्ष एस. के. मित्तल ने कहा, “हमने बीमा नियामक से हर वर्ग के वाहनों का रियल टाइम डाटा मांगा, लेकिन हमें यह नहीं दिया गया।”

मित्तल ने आईएएनएस से कहा, “इससे पहले दरों के लिए बनी सलाहकार समिति बहुत ही क्रियाशील थी और इसमें सभी साझेदारों का प्रतिनिधित्व था। इस समिति को फिर से बहाल किया जाना चाहिए और समिति को रियल टाइम डाटा मुहैया कराना चाहिए ताकि दरों की वृद्धि पर अंतिम फैसला हो सके। तब तक स्वेच्छा से और एकपक्षीय तरीके से थर्ड पार्टी बीमा की दरों में वृद्धि किए जाने के फैसले को स्थगित रखना चाहिए।”

मित्तल के अनुसार, आईआरडीए ने शुरू में सिर्फ 50 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बाद में 41 फीसदी वृद्धि किए जाने की सिफारिश की गई, जो एक अप्रैल से लागू हो रहा है।

फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के संयुक्त सचिव सजल घोष ने आईएएनएस से कहा, “पश्चिम बंगाल के कम से कम 20 जिला स्तरीय एसोसिएशन एक अप्रैल से अनिश्चितकालीन देशव्यापी हड़ताल शुरू कर रहे हैं।”

एआईएमटीसी ने यह अनिश्चितकालीन हड़ताल 20 अप्रैल से शुरू किए जाने का आह्वान किया था।

बंबई गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष बी. आर. पुनिया ने कहा, “हम इस हड़ताल का समर्थन करते हैं और हम 20 अप्रैल से इस हड़ताल का हिस्सा बनेंगे।”

Source:livetoday.in

हैदराबाद होगा भारत का पहला गीगा शहर, मिलेगा सुपरफास्ट इंटरनेट

हैदराबाद

भारत के सबसे बड़े नॉन-टेल्को और तीसरे सबसे बड़े इंटरनेट सर्विस प्रवाइडर एसीटी फाइबरनेट ने हैदराबाद शहर के लिए 1 जीबीपीएस (गीगा स्पीड्स) वायर्ड ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस के लॉन्च की घोषणा की है। आईटी, निगम प्रशासन एवं उद्योग मंत्री के. तारक रामा राव की मौजूदगी में लॉन्च किया गया एसीटी फाइबरनेट, भारतीय इंटरनेट बाजार में पहली कंपनी है, जो पूरे शहर को गीगा इनेबल कर रही है।

गीगा स्पीड्स से इंटरनेट से डाउनलोड स्पीड यूएसबी से डेटा ट्रांसफर करने की स्पीड से तेज हो जाएगी। सबसे बड़े नॉन टेल्को होने के सामर्थ्य के साथ एसीटी फाइबरनेट का दावा है कि उसके पास दुनिया की सर्वश्रेष्ठ फाइबर ऑप्टिक टेक्नॉलजी है और अब वह भारतीय ग्राहकों को वर्ल्ड क्लास एक्सपीरियंस दे रही है।

कंपनी का कहना है कि जब भारत में इंटरनेट की औसत स्पीड 2.5 एमबीपीएस पर रुकी हुई है, एसीटी फाइबरनेट का 1 जीबीपीएस लॉन्च हैदराबाद में इंटरनेट की स्पीड को राष्ट्रीय औसत के मुकाबले चार गुना कर देगा। दुनिया में बहुत कम शहर गीगा इनेबल्ड हैं और वे भी इतने बड़े पैमाने पर नहीं हैं। इस लॉन्च के बाद हैदराबाद दुनिया के उन चुनिंदा शहरों में शामिल हो जाएगा, जहां ऐसी फ्यूचरिस्टिक टेक्नॉलजी होगी।

अभी हैदराबाद में यह सर्विस 5,999 रु. प्रति महीने, 1 जीबीपीएस, 1 टीबी एफयूपी में उपलब्ध है। एसीटी फाइबरनेट की योजना जल्द ही उन सभी 11 शहरों में 1 जीबीपीएस इंटरनेट सेवा देने की है, जहां पर यह कंपनी काम कर रही है।

Source:indiatimes.com

Thursday, 30 March 2017

मेरी मां भारत में जज नहीं बन सकीं क्योंकि वे महिला थीं: US डिप्लोमैट निक्की हेली

नई दिल्ली/न्यूयॉर्क.  यूनाइटेड नेशन्स में अमेरिका की एम्बेसडर निक्की हेली ने कहा है कि महिला होने की वजह से उनकी मां को भारत में जज नहीं बनने दिया गया। निक्की हेली ने फॉरेन रिलेशन काउंसिल की एक मीटिंग में महिलाओं की भूमिका से जुड़े एक सवाल पर यह कहा।मेरी मां काबिल थीं... 

 

-न्यूज एजेंसी के मुताबिक यह मीटिंग बुधवार को हुई। इस दौरान निक्की हेली ने कहा,"मेरी मां लॉ स्कूल जाने के काबिल थीं और वह भारत की पहली फीमेल जजों में से एक हो सकती थीं,लेकिन महिला होने के नाते उन्हें उस जगह पहुंचने की इजाजत नहीं मिली।"
-"लेकिन उनके(मां)लिए अपनी बेटी को साउथ कैरोलिना की गवर्नर और फिर यूएन में अमेरिका की एम्बेसडर के तौर पर देखना अमेजिंग है।"

 

1960 में अमेरिका गए थे निक्की के पेरेंट्स
-निक्की हेली के पेरेंट्स अजीत सिंह और राज कौर रंधावा 1960 में भारत से अमेरिका गए थे। लेकिन इससे बीस साल पहले ही अन्ना चांडी त्रावणकोर में आजाद भारत की पहली महिला जज बन गई थीं। चांडी 1948 में प्रमोट होकर डिस्ट्रिक्ट जज बनी थीं। 1959 में वे हाईकोर्ट की जज भी बनीं।

 

कौन हैं निक्की हेली?
-45 साल की निक्की ने ट्रेड और लेबर इश्यू पर काफी काम किया है। साउथ कैरोलिना की इंडो-अमेरिकन गवर्नर रहीं निक्की हेली के यूएन में अप्वाइंटमेंट को इस साल जनवरी में ही अमेरिकी सीनेट की मंजूरी मिली थी। 
-निक्की ने पिछले साल प्रेसिडेंशियल इलेक्शन कैम्पेन के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प का विरोध किया था। हालांकि,बाद में उन्होंने ट्रम्प का सपोर्ट किया। नेशनल सिक्युरिटी और अमेरिकन आर्मी पर निक्की के विचार रिपब्लिकन पार्टी की सोच से मेल खाते हैं। 

Source:bhaskar.com

सुप्रीम कोर्ट ने `तीन तलाक` का मामला संवैधानिक पीठ को सौंपा, रोजाना होगी सुनवाई

उच्चतम न्यायालय ने तीन तलाक का मामला संवैधानिक पीठ को भेज दिया है.

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने तीन तलाक का मामला संवैधानिक पीठ को भेज दिया है. मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की पीठ ने गुरुवार को तीन तलाक से जुड़े सभी मामले को संवैधानिक पीठ को सौंप दिया. 11 मई से संवैधानिक पीठ तीन तलाक सुनवाई शुरू करेगी. संवैधानिक पीठ लगातार चार दिनों तक इस मामले पर दोनों पक्ष को सुनेंगे. इसके साथ सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दोनों पक्ष चार हफ्ते में अपना जवाब दाखिल करें. 

एआईएमपीएलबी ने कहा, कोर्ट के दायरे में नहीं आते ये मामले 

इससे पहले 27 मार्च को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि मुसलमानों में प्रचलित तीन तलाक, ‘निकाह हलाला’ और बहुविवाह की प्रथाओं को चुनौती देने वाली याचिकाएं विचारयोग्य नहीं हैं क्योंकि ये मुद्दे न्यायपालिका के दायरे में नहीं आते हैं.

ये प्रथाएं कुरान पर आधारित हैं

बोर्ड ने कहा कि इस्लामी कानून, जिसकी बुनियाद अनिवार्य तौर पर पवित्र कुरान एवं उस पर आधारित सूत्रों पर पड़ी है, की वैधता संविधान के खास प्रावधानों पर परखी नहीं जा सकती है. इनकी संवैधानिक व्याख्या जबतक अपरिहार्य न हो जाए, तबतक उसकी दिशा में आगे बढ़ने से न्यायिक संयम बरतने की जरूरत है. उसने कहा कि याचिकाओं में उठाये गये मुद्दे विधायी दायरे में आते हैं, और चूंकि तलाक निजी प्रकृति का मुद्दा है अतएव उसे मौलिक अधिकारों के तहत लाकर लागू नहीं किया जा सकता.

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने हलफनामे में क्या कहा

एआईएमपीएलबी ने शीर्ष अदालत में अपने लिखित हलफनामे में कहा, ‘शुरू में यह स्पष्ट किया जाता है कि वर्तमान याचिकाएं विचारयोग्य नहीं हैं क्योंकि याचिकाकर्ता निजी पक्षों के खिलाफ मौलिक अधिकारों को लागू करने की मांग करते हैं. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि 14,15 और 21 अनुच्छेदों के तहत गारंटित संरक्षण की उपलब्धता की मंशा विधायिका और कार्यपालिका के विरुद्ध है न कि निजी व्यक्तियों के विरुद्ध है.’

उसने कहा, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि वर्तमान मामले में याचिकाकर्ता न्यायिक आदेश की मांग कर हे हैं जो बिल्कुल अनुच्छेद 32 के दायरे के बाहर है. निजी अधिकारों को संविधान के अनुच्छेद 32 (1) के तहत व्यक्तिगत नागरिकों के विरूद्ध लागू नहीं किया जा सकता है.’

Source:zeenews.com

आर अश्विन ने ली ब्रैड हॉज की चुटकी, कहा-अब 30 मार्च ‘विश्व माफी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा

आर अश्विन ने इसके बाद ट्वीट किया, 'हल्के फुल्के अंदाज में कहना चाहूंगा कि आगे से 30 मार्च को विश्व माफी दिवस के रूप में याद किया जाएगा।' ब्रैड हॉज ने अपने लेटर हेड पर एक माफीनामा लिखकर उसकी तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है।   

भारत के स्टार आॅफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन मैदान पर अपनी गेंदों से तो विपक्षी बल्लेबाज की बोलती बंद करने में माहिर हैं ही, जरूरत पड़ने पर वो शब्दों से भी जवाब देने में पीछे नहीं रहते। कभी कभी तो अश्विन के जवाब में जबरदस्त व्यंग भी होता है। आॅस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज और आईपीएल में गुजरात लॉयंस के हेड कोच की भूमिका में दिखने वाले ब्रैड हॉज के लिखित रूप से भारत के क्प्तान विराट कोहली पर की गई अपनी टिप्पणी पर माफी मांगने के बाद आर अश्विन ने एक ट्वीट कर उनकी चुटकी ली है। गौरतलब है कि विराट कोहली रांची टेस्ट मैच में लगी चोट के कारण धर्मशाला टेस्ट मैच में नहीं खेले थे, जिस पर ब्रैड हॉज ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि विराट कोहली आईपीएल में खुद को फिट रखने के लिए आखिरी और निर्णायक मुकाबले में नहीं खेल रहे हैं।

आर अश्विन ने इसके बाद ट्वीट किया, ‘हल्के फुल्के अंदाज में कहना चाहूंगा कि आगे से 30 मार्च को विश्व माफी दिवस के रूप में याद किया जाएगा।’ ब्रैड हॉज ने अपने लेटर हेड पर एक माफीनामा लिखकर उसकी तस्वीर अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत रूप से विराट कोहली के आलावा भारतीय लोगों और क्रिकेट प्रशंसकों से माफी मांगी है। उन्होंने भारत के साथ अपनी खुशनुमा यादों का भी अपने लेटर में जिक्र किया है और आईपीएल के प्रति अपने प्यार और लगाव का इजहार किया है। उन्होंने अपने माफीनामें में लिखा है कि भारत ने उन्हें बहुत कुछ दिया है और इसके लिए वो इस देश के शुक्रगुजार हैं। उन्होंने विराट कोहली के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्हें एक बड़ा खिलाड़ी बताया है और उनसे अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी है।

Source:jansatta.com

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में पांच लाख ट्रकों ने किया चक्का जाम

हैदराबाद। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों में गुरुवार से शुरू हुई ट्रांसपोर्टरों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत पांच लाख ट्रक सड़कों से दूर रहेंगे। दोनों राज्यों के लॉरी मालिकों के संगठन ने कहा कि अपनी मांगों के समर्थन में साउथ जोन मोटर ट्रांसपोर्टर्स वेल्फेयर एसोसिएशन द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार सुबह छह बजे से परिवहन सेवाओं को रोक दिया है।

संगठन ने हड़ताल से हालांकि सब्जियों, दूध और पेट्रोल की परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं को छूट दी है।

आंध्र प्रदेश लॉरी ओनर्स एसोसिएशन का दावा है कि तीन लाख ट्रकों की आवाजाही बंद कर दी गई है। वहीं तेलंगाना के संगठन का कहना है कि 2.70 लाख से अधिक ट्रक हड़ताल पर हैं।

कुछ ट्रक और छोटी लॉरियां आवश्यक सामानों की आपूर्ति कर रही हैं।

ट्रक ड्राइवर तीसरे पक्ष के बीमा में वृद्धि, चालान शुल्क और दंड शुल्क में केंद्र सरकार के आदेश को वापस लेने की मांग कर रहे हैं।

वह वाणिज्यिक वाहनों के थर्ड पार्टी प्रीमियम (टीपीपी) में 50 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि का विरोध कर रहे हैं।

ट्रक चालकों का कहना है कि इस कदम से परिवहन समुदाय को और अधिक बेरुखी का सामना करना पड़ेगा, जो पहले से ही टोल टैक्स, स्पेयर पार्ट्स और डीजल की उच्च लागत से उत्पन्न आर्थिक परेशानियों से पीड़ित हैं।

यह संगठन मोटर वाहन संशोधन विधेयक 2016 और वाहन स्क्रैपिंग नीति का भी विरोध कर रहा है।

उन्होंने कहा कि वाहन की समय सीमा और प्रदूषण के बीच कोई संबंध नहीं है। ट्रांसपोर्टरों का तर्क है कि वाहन की योग्यता जरूरी है।

इसके साथ ही संगठन डीजल दरों और टोल टैक्स शुल्क के निर्धारण में पूरे देश में समान नीति की मांग कर रहा है।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सरकार ने जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होनी चाहिए।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वह राज्यों के दायरे में इन मुद्दों को हल करने के लिए संगठनों के प्रमुखों से बात करेंगे।

तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के ट्रक चालक भी दोनों राज्यों के लिए एकल परमिट प्रणाली की मांग कर रहे हैं।

वहीं, तेलंगाना के परिवहन मंत्री महेंद्र रेड्डी ने कहा है कि यहां के परिवहन आयुक्त आंध्र प्रदेश के अपने समकक्ष के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे।

Source:livetodayonline.com

राष्ट्रपति ने 49 डॉक्टरों को भेंट किया डॉ. बी.सी. रॉय पुरस्कार

नई दिल्ली| राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में वर्ष 2014, 2015 और 2016 के लिए डॉ. बी.सी. रॉय राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार पाने वालों में दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया सहित इस संस्थान के नौ चिकित्सक शामिल हैं। इनके अलावा दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के दो डॉक्टर- डॉ. एस. राणा और अरविंद कुमार भी शामिल हैं। 

राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले अन्य प्रमुख चिकित्सक हैं- डॉ. विपुल आर. पटेल, डॉ. अनिल कुमार चतुर्वेदी, डॉ. दलजीत सिंह, प्रो. प्रेमनाथ डोगरा, डॉ. एम.उन्नीकृष्णा, डॉ. जी.एस. उमामहेश्वर राव, डॉ. वेदप्रकाश मिश्रा, डॉ. संजय बलवंत कुलकर्णी, डॉ. ओ.पी. यादव, डॉ. पविंद्र लाल, डॉ. रघुनाथ राव, प्रो प्रदीप्त टंडन, डॉ. टी. राजगोपाल, डॉ. सतचित बलसारी, प्रो. एस. गीता लक्ष्मी, डॉ. देवराज आदि।

समारोह में वर्ष 2008, 2009, 2010, 2014, 2015 और 2016 के लिए हरि ओम आश्रम ऐलेम्बिक अनुसंधान पुरस्कार भी प्रदान किए गए।

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अंजू बाॅबी जाॅर्ज ने ‘धोखेबाज़ों’ से ओलंपिक मेडल पाने के लिए शुरू की मुहिम

अंजू बाॅबी जाॅर्ज, आॅस्ट्रेलिया की ब्राउन थॉमसन और ब्रिटेन की जेड जॉनसन ने ओलंपिक मेडल हासिल करने की मुहिम शुरू की है जिसे 2004 एथेंस ओलंपिक में डोपिंग करने वाले खिलाड़ियों को दे दिया गया था। 2014 में लाॅन्ग जंप इवेंट में अंजू छठे स्थान पर रही थी।

एथेंस खेलों के 13 साल बाद अंजू बाॅबी जाॅर्ज दो अन्य लाॅन्ग जंप की खिलाड़ियों के साथ मिलकर तीन रूसी ऐथलीट तातयाना लेबेदेवा (गोल्ड), इरीना मेलेशिना (सिल्वर) और तातयाना कोतोवा (ब्राॅन्ज) से मेडल वापस लाने का प्रयास कर रही हैं। एथेंस में रूस की इन खिलाड़ियों ने डोप टेस्ट पास किए थे लेकिन बाद के दूसरे मौकों में हुए डोप टेस्ट में ये सफल नहीं हो पाए। 

अब ये खिलाड़ी उम्मीद कर रही हैं कि इन्हें अपने-अपने राष्ट्रीय ओलंपिक संघ से न्यय के लिए मदद मिलेगी। अंजू ने कहा कि उन्हें खेल मंत्रालय, एथलेटिक्स फेडरेशन आॅफ इंडिया और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन का समर्थन मिल गया है।

अंजू ने फस्र्टपोस्ट से बात की लेकिन पूरी योजना के बारे में उन्होंने ज्यादा नहीं बताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम तीनों और हमारे राष्ट्रीय संगठन इस मामले पर आईओसी से अपील करेंगे। हमें न्याय चाहिए। हमने साथ रहने और मिलकर आवाज उठाने की योजना बनाई है। उन तीन धोखेबाजों ने हमारा सम्मान चुराया है। वो हमारे पूरे करियर के दौरान हमसे आगे रहें लेकिन अब हम जान गए हैं कि ड्रग्स की वजह से उनका प्रदर्शन बेहतर था।’’

अंजू ने कहा कि 2004 ओलंपिक के दौरान उन्होंने कुछ अजीब घटना होते हुए तो देखा था लेकिन वहां सुरक्षा के इंतजाम को देखते हुए उसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देखा कि उनमें से एक कुछ इन्हेल कर रही है और दूसरी ने कुछ तरल पदार्थ लिया। उस स्थान पर सुरक्षा काफी पुख्ता थी, इसलिए उस वक्त मैंने ऐसा सोचा भी नहीं था कि वो प्रतिबंधित चीजों को इस जगह पर ला सकते हैं।’’

गौरतलब है कि इस इवेंट में अंजू ने 6.83 मीटर की छलांग लगाकर लॉन्ग जंप में राष्ट्रीय रिकाॅर्ड बनाया था, जो अब तक कायम है। अंजू इस इवेंट में पांचवें स्थान पर रही थीं। चैथे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की ब्राउन थॉमसन थीं और अंजू के पीछे छठे स्थान पर ब्रिटेन की जेड जॉनसन थीं।

2004 एथेंस ओलंपिक में सिर्फ राज्यवर्धन सिंह राठौर ने शूटिंग में सिल्वर मेडल जीता था।

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साइना, सिंधू, समीर इंडिया ओपन के दूसरे दौर में


नई दिल्ली
ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और साइना नेहवाल ने बुधवार को यहां अपने महिला एकल अभियान में जीत के साथ शानदार शुरुआत की। वहीं समीर वर्मा ने इंडिया सुपर सीरीज में पुरुष स्पर्धा के शुरुआती दौर में कोरिया के सोन वान हो को सीधे गेम में शिकस्त देकर सुर्खिंयां बटोरी। रियो ओलिंपिक रजत पदक विजेता सिंधू ने हमवतन अरुंधती पंटावने को 21-17, 21-6 से शिकस्त दी। वहीं लंदन खेलों की कांस्य पदक विजेता साइना ने चीनी ताइपे की चिया सिन ली को एक तरफा मुकाबले में 21-10, 21-17 से पराजित किया।

साइना अब अगले दौर में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग और चीनी ताइपे की सु या चिंग के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिडे़गी। उन्होंने मैच के बाद कहा, 'मैंने उसे सात अंक भेंट स्वरुप दे दिए, शायद मैं जल्दी मैच खत्म करने के लिए बेताब थी। यह स्कोर 21-10, 21-10 होना चाहिए था। वह थोड़ी पेचीदा खिलाड़ी है। वह डबल्स भी खेलती है इसलिए उसके कुछ स्ट्रोक्स मुश्किल थे। मैं अपने मूवमेंट से खुश हूं।'

सिंधू अब जापान की साएना कावाकामी से भिडे़गी। उन्होंने कहा, 'यह अच्छा मैच था। पहले गेम में यह करीबी था, लेकिन मैंने दूसरे गेम में जल्द ही बढ़त ले ली। मैं अब अगले मैच पर ध्यान लगाए हूं। मेरा ध्यान एक बार में एक मैच पर ही लगा है।' सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय में अपना पहला ग्रां प्री गोल्ड टूर्नमेंट जीतने वाले समीर ने चौथे वरीय कोरियाई सोन वान को 45 मिनट तक मुकाबले में 21-17, 21-10 से पराजित किया। अब उनका मुकाबला हॉन्ग-कॉन्ग के हु युन से होगा।

साई प्रणीथ हाल में कंधे की चोट से उबरे हैं, उन्होंने जापान के केंटा निशिमोटो की चुनौती 16-21, 21-12, 21-19 से समाप्त की। अब वह अगले दौर में 7वें वरीय चोई टिएन चेन से भिडे़ंगे। राष्ट्रीय चैंपियन रितुपर्णा दास ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए चीनी ताइपे की चियांग मेई हुई को 19-21, 21-15, 21-19 से हराया। महिला युगल में अश्विनी पोनप्पा और एन सिक्की रेड्डी ने इंग्लैंड की गैब्रिएल एडकोक और जेसिका पुग को 21-16, 21-16 से शिकस्त दी। अब दोनों की भिड़ंत थाईलैंड की पुटिटा सुपाजीरकुल और सपसिरी टाएरातानाचाई की चौथी वरीय जोड़ी से होगी।

जापान की साएना कावाकामी ने रसिका राजे को 21-10, 21-12 से जबकि रेश्मा कार्तिक चीन की झांग यिमान से 9-21, 8-21 से पराजित हो गईं। तनवी लाड चोट के कारण बीच में ही रिटायर हो गईं। वह 6-2 से बढ़त बनाए हुए थीं। वहीं पीसी तुलसी को 7वीं वरीय नोजोमी ओकुहारा से 15-21, 16-21 से हार मिली।

पुरुष युगल में भारतीयों के लिए निराशाजनक दिन रहा जिसमें वियतनाम ओपन विजेता सतविकसाईराज रैंकिरेड्डी और चिराग शेट्टी डेनमार्क के किम अस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रसमुसेन से 14-21, 17-21 हार गए। अपर्णा बालान और प्राजक्ता सावंत की जोड़ी पहले ही दौर में बाहर हो गई।

Source:indiatimes.com