Saturday, 16 September 2017

जेएनयू, डीयू, इग्नू और उच्चतम न्यायालय बार नहीं ले सकते विदेशी सहायता

नयी दिल्ली 13 सितंबर भाषा डीयू, जेएनयू, आईआईटी दिल्ली, इग्नू और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जैसे देश के प्रमुख शिक्षण संस्थान तथा उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन सहित सैकड़ों संगठनों को विदेशी सहायता प्राप्त करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी सहायता विनियमन कानून 2010 एफसीआरए के तहत इन संस्थानों के पंजीकरण को इस आधार पर रद्द कर दिया क्योंकि ये संस्थान लगातार पांच वर्ष से वार्षिक रिटर्न जमा करने में नाकाम रहे। नियमानुसार एफसीआरए के तहत पंजीकरण कराये बिना कोई भी संस्थान विदेशी सहायता हासिल नहीं कर सकता है। साथ ही इस कानून के तहत पंजीकृत संस्थान को अपनी आय व्यय का सालाना रिटर्न सरकार को हर साल पेश करना अनिवार्य है और इसका पालन नहीं करने वाले संस्थानों का एफसीआरए के तहत पंजीकरण निरस्त कर दिया जाता है।

इस प्रावधान का पालन नहीं करने के कारण गृह मंत्रालय द्वारा एफसीआरए के तहत पंजीकरण रद्द किये गये शिक्षण संस्थानों की फेहरिस्त में पंजाब विविद्यालय, दून स्कूल एसोसिएशन, दिल्ली स्थित गार्गी कालेज, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कालेज और लेडी इरविन कालेज भी शामिल हैं। इतना ही नहीं एफसीआरए के तहत पंजीकरण रद्द करने की मंत्रालय की कार्वाई के दायरे में शिक्षण संस्थानों के अलावा उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन, एस्कॉर्ट अस्पताल, गांधी शांति प्रतिष्ठान, नेहरू युवा केन्द्र संगठन, आर्म्ड फोर्सिस फ्लेग डे फंड, फिक्की, दिल्ली स्थित स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और सामाजिक आर्थिक विकास फांउडेशन भी शामिल हैं। जबकि सामाजिक संगठनों में डा. राम मनोहर लोहिया इंटरनेशनल ट्रस्ट और डा. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को भी विदेशी सहायता लेने से प्रतिबंधित करते हुये इनका एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिया गया है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस कार्वाई के दायरे में आये संस्थान विाीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक आय व्यय का वार्षिक रिटर्न जमा करने में नाकाम रहे। कार्वाई से पहले इन संस्थानों को गत 14 जून को जारी नोटिस में 23 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने की मोहलत भी दी गयी थी लेकिन इसका पालन नहीं कर पाने के कारण एफसीआरए के तहत इनका पंजीकरण रद्द किया गया है।

Source:Repository.com

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