Sunday, 17 September 2017

सेना से कभी रिटायर नहीं हुए मार्शल अर्जन सिंह का निधन, 1962 युद्ध में थी बड़ी भूमिका

वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह का शनिवार को निधन हो गया. वह 98 वर्ष के थे. अर्जन सिंह को जब वायु सेना प्रमुख बनाया गया था तो उनकी उम्र उस वक्त महज 44 साल थी और आजादी के बाद पहली बार लड़ाई में उतरी भारतीय वायुसेना की कमान उनके ही हाथ में थी.

अर्जन सिंह कभी रिटायर नहीं हुए

अर्जन सिंह सेना के 5 स्टार रैंक अफसर थे. देश में पांच स्टार वाले तीन सैन्य अधिकारी रहे थे, जिनमें से फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और फील्ड मार्शल के एम करियप्पा का नाम है, ये दोनों भी जीवित नहीं हैं. ये तीनों ही ऐसे सेनानी रहे, जो कभी सेना से रिटायर नहीं हुए.

पीएम भी मिलने पहुंचे थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम अर्जन सिंह से मिलने के लिए अस्पताल पहुंचे थे. इससे पहले रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अस्पताल जाकर उनका हाल-चाल लिया था.

चीन के खिलाफ युद्ध में थी अहम भूमिका

चीन के साथ 1962 की लड़ाई के बाद 1963 में उन्हें वायु सेना उप-प्रमुख बनाया गया था. एक अगस्त 1964 को जब वायु सेना अपने आप को नई चुनौतियों के लिए तैयार कर रही थी, उस समय एयर मार्शल के रूप में अर्जन सिंह को इसकी कमान सौंपी गई थी.

19 साल की उम्र में पायलट ट्रेनिंग के लिए चयन

मार्शल अर्जन सिंह का जन्म 15 अप्रैल 1919 को लायलपुर (फैसलाबाद, पाकिस्तान) में हुआ था और उन्होंने अपनी शिक्षा पाकिस्तान के मोंटगोमरी से पूरी की थी. अर्जन सिंह 19 वर्ष की उम्र में पायलट ट्रेनिंग कोर्स के लिए चुने गए थे.

आजादी के दिन लाल किले के ऊपर दिखा था अर्जन सिंह का कमाल

यही नहीं, अर्जन सिंह ने आजादी के दिन यानी 15 अगस्त 1947 को वायु सेना के 100 से भी अधिक विमानों के लाल किले के ऊपर से फ्लाइ-पास्ट का भी नेतृत्व किया था. पाकिस्तान के खिलाफ जंग में उनकी भूमिका के बाद वायु सेना प्रमुख के रैंक को बढ़ाकर पहली बार एयर चीफ मार्शल किया गया, उन्हें नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था.

Source:aajtak.in

भारत और अमेरिका की सेना ने युद्ध अभ्यास 2017 शुरू किया

नयी दिल्ली, 16 सितंबर :भाषा: भारत और अमेरिका की सेना ने आज वाशिंगटन में एक अड्डे पर संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास शुरू किया। यह अभ्यास उग्रवाद निरोधक और आतंकवाद निरोधी अभियानों में रणनीतिक कौशल को प्रखर बनाने के लिये किया जा रहा है।

संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2017 में अमेरिकी सेना की ओर से 20 इन्फैन्ट्री रेजीमेंट की पांचवीं इन्फैन्ट्री बटालियन की तरफ से प्रतिनिधित्व देखने को मिला जबकि भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व सूर्य कमान से गोरखा राइफल्स के सैनिकों ने किया।

जेल में अनियमितताओं का भंडाफोड़ करने वाली रूपा को राष्ट्रपति पदक

बेंगलुरू, 16 सितम्बर भाषा केंद्रीय कारागार में कथित अनियमितताओं का भंडाफोड़ करने वाली पूर्व डीआईजी डी. रूपा को आज राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया। उन्होंने जेल में बंद अन्नाद्रमुक नेता वी के शशिकला को मिल रही विशेष सुविधाओं का भी भंडाफोड़ किया था।

राज्यपाल वजूभाई वाला ने राजभवन में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी की मौजूदगी में विशिष्ट सेवा के लिए उन्हें पुरस्कार से नवाजा।

विशिष्ट सेवा के लिए चयनित अन्य पुलिस पदाधिकारियों को भी राष्ट्रपति पदक दिया गया।

तत्कालीन जेल डीआईजी डी. रूपा ने जुलाई में पुलिस महानिदेशक को एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें कहा गया कि आय से अधिक संपाि मामले में प्रपन्ना अग्रहर केंद्रीय कारागार में बंद शशिकला को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं और इस तरह की चर्चा है कि इसमें दो करोड़ रुपये रित का लेन-देन हुआ है।

इसके बाद मामले में सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप होने के कारण रूपा और डीजी दोनों का तबादला कर दिया गया और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए।

पीएम मोदी ने किया सरदार सरोवर डैम का उद्घाटन, 56 साल बाद देश को मिला सबसे बड़ा बांध

बांध के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की. नर्मदा नदी को चुनरी और नारियल अर्पित किए. प्रधानमंत्री मोदी के साथ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, गुजरात के सीएम विजय रूपानी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल मौजूद रहीं.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुजरात में सरदार सरोवर बांध का उद्घाटन किया. 56 साल के इंतजार के बाद बनकर तैयार हुए सरदार सरोवर बांध से करीब दस लाख किसानों को फायदा होगा. बांध के उद्घाटन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा भी की. नर्मदा नदी को चुनरी और नारियल अर्पित किए.

प्रधानमंत्री मोदी के साथ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, गुजरात के सीएम विजय रूपानी, डिप्टी सीएम नितिन पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल मौजूद रहीं.

तय समय से देरी से शुरु हुआ कार्यक्रम
बांध के उदुगाटन का समय करीब 9 बजकर बीस मिनट था लेकिन खराब मौसम के चलते प्रधानमंत्री मोदी का हेलिकॉप्टर केवड़़िया में लैंड नहीं कर सका. फिर वो डोभाई से केवड़िया सड़के के रास्ते पहुंचे. इसलिए कार्यक्रम थोड़ी देरी से शुरू हुआ.

आठ प्वाइंट में जानें बांध से जुड़ी हर जानकारी

सरदार सरोवर बांध की अवधारणा सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1946 में आजादी से पहले ही रखी थी. हालांकि, इसकी नीव 5 अप्रैल 1961 को देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने रखी. इस पर काम की शुरुआत 1987 में हुई.इस बांध की लंबाई 1.2 कि.मी. है जो इसे देश का सबसे लंबा बांध बनाता है. इस बांध की लागत लगभग 44 हजार करोड़ रूपए है औऱ 16 हजार करोड़ रुपए बांड और ब्याज पर लग गए हैं. इसकी ऊंचाई 138.68 मीटर है जिसमें 4.73 मिलियन क्युबिक मी. उपयोग के लायक जगह है.इस बांध के निर्माण से गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को लाभ होगा. गुजरात को इस योजना से अन्य राज्यों की तुलना में ज्यादा लाभ होगा क्योंकि सूखा ग्रस्त क्षेत्रों में पाइपलाईन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा जिससे तकरीबन 18 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ होगा.राजस्थान के बाड़मेड़ औऱ जलोर जिलों की तकरीबन 2 लाख 46 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी. इसी कड़ी में महराष्ट्र के 37 हजार 500 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो सकेगी.तकरीबन 10 लाख किसानों को सीधे इस बांध के जरिए सिंचाई का लाभ मिलेगा. जिसमें अगर पीने के पानी की बात की जाए तो तकरीबन 4 करोड़ अलग-अलग गावों और क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा.इस बांध में लगे 2 टावरों से 1200 MW और 250 MW बिजली का उत्पादन होगा जिसका 57 प्रतिशत हिस्सा महराष्ट्र को 27 प्रतिशत मध्य प्रदेश को औऱ 16 प्रतिशत हिस्सा गुजरात को मिलेगा.इस बांध के जरिए सालाना तकरीबन 1600 करोड़ रुपए कृषि से, बिजली उत्पादन और पानी की सप्लाई से 175 करोड़ रुपए आएंगे जो तकरीबन 2175 करोड़ रुपए सालाना होता है जिसको अगर एक दिन के हिसाब से अनुमान लगाएं तो 6 करोड़ रुपए हर दिन लाभ मिलेगा.इससे तकरीबन 10 लाख ग्रामीण लोगों को रोजगार मिलेगा जो गांव के लोगों का शहरों की तरफ होने वाले पलायन को कम करने में मदद करेगा

Source:abplive.in

जब सादगी ही स्टाइल बन गई: मोदी कुर्ता की अनकही कहानी

मोदी कुर्ता लोगों में बहुत अधिक लोकप्रिय है, लेकिन आमतौर पर इसे एक ऐसा ‘स्टाइल स्टेटमेंट’ माना जाता है, जिसकी शुरुआत के मूल में अत्यधिक सादगी है। 

‘मोदी कुर्ता’ की शुरुआत के बारे में प्रधानमंत्री ने बताया:

“आरएसएस और भाजपा में काम का मतलब सिर्फ अत्यधिक यात्राएं ही नहीं, बल्कि अनिश्चित और दुश्कर कार्यक्रम भी है। और मैं तो अपने कपड़े हमेशा खुद ही धोता था, मैं सोचा कि पूरी बांह का कुर्ता धोना अधिक कठिन था और ज्यादा समय लेता था तो मैंने अपने कुर्ते को काटकर आधी बांह का कर देने का फैसला किया।”

इस तरह मोदी कुर्ता की शुरुआत हुई!

समय बीतने के साथ, खासतौर से हाल के कुछ वर्षों में मोदी कुर्ता दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया। इसके अलावा ‘मोदी मास्क’, कप, टी-शर्ट, बैज और यहां तक कि चॉकलेट जैसी चीजें भी समय समय पर देखी गईं, लेकिन इनमें से कुछ भी मोदी कुर्ता जितना लोकप्रिय नहीं हुआ। मोदी कुर्ता की सादगी ही उसे खास बना देती है।

राजकीय सम्मान के साथ होगा मार्शल अर्जन सिंह का अंतिम संस्कार

नई दिल्ली
भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा और उनके सम्मान में यहां सोमवार को सभी सरकारी इमारतों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया जाएगा। सिंह का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह दस बजे यहां बरार स्क्वेयर में किया जाएगा।अर्जन सिंह का कल सेना के रिचर्स ऐंड रेफरल अस्पताल में निधन हो गया था। रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने उनके अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, 'उनका राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया जाएगा और दिल्ली में सभी सरकारी इमारतों में अंत्येष्टि के दिन (18 सितंबर) राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया जाएगा।' अर्जन सिंह वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक थे और इकलौते वायु सेना अधिकारी थे जिन्हें फाइव स्टार रैंक दिया गया था। उनका 98 वर्ष की उम्र में कल यहां निधन हो गया। उन्हें 44 वर्ष की आयु में ही भारतीय वायु सेना का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी गई जिसे उन्होंने शानदार तरीके से निभाया।

वर्ष 1965 की लड़ाई में जब भारतीय वायु सेना अग्रिम मोर्चे पर थी तब वह उसके प्रमुख थे। अलग-अलग तरह के 60 से भी ज्यादा विमान उड़ाने वाले सिंह ने भारतीय वायु सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली वायु सेनाओं में से एक बनाने और विश्व में चौथी सबसे बड़ी वायु सेना बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। 

बहुत कम बोलने वाले व्यक्ति के तौर पर पहचाने जाने वाले सिंह ना केवल निडर लड़ाकू पायलट थे बल्कि उनको हवाई शक्ति के बारे में गहन ज्ञान था जिसका वह हवाई अभियानों में व्यापक रूप से इस्तेमाल करते थे। उन्हें 1965 में देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। 

Source:indiatimes.com

उद्घाटन समारोह में गुजरात के सीएम विजय रुपाणी, आनंदीबेन पटेल, नितिन गडकरी भी रहे मौजूद

मोदी बोले, वर्ल्ड बैंक के इनकार के बाद गुजरात के मंदिरों ने इस प्रोजेक्ट के लिए पैसा दिया

ये सिर्फ गुजरात नहीं, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान के किसानों के भाग्य को बदलने वाला प्रोजेक्ट है- मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 67वें जन्मदिन पर रविवार को सरदार सरोवर नर्मदा बांध परियोजना का लोकार्पण किया. उद्घाटन समारोह में गुजरात के सीएम विजय रुपाणी, पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे. इससे पहले मोदी आज सुबह गांधीनगर में अपने जन्मदिवस के अवसर पर अपनी मां हीरा बा का आशीर्वाद लेने उनके पास गए. सरदार सरोवर नर्मदा बांध परियोजना के लोकार्पण के साथ ही मोदी एक रैली को भी संबोधित करेंगे. गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले मोदी की इस रैली को राजनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

मोदी ने आज उस नर्मदा बांध परियोजना का लोकार्पण किया जिसकी परिकल्पना सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1946 में ही की थी. हालांकि इस पर काम 1970 के दशक से ही प्रारंभ हो पाया. इस बांध परियोजना और इस पर बनी विद्युत परियोजना से चार राज्यों गुजरात, महाराष्ट, राजस्थान और मध्य प्रदेश को लाभ मिलेगा.

Source:india.com

संयुक्त राष्ट्र के सुधार व्यापक-विस्तृत और सबको शामिल करने वाले होने चाहिए : भारत

संयुक्त राष्ट्र, 17 सितंबर भाषा भारत का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के सुधारों को और अधिक विस्तृत-व्यापक तथा सभी को शामिल करने वाला होने की आवश्यकता है और बदलाव केवल सचिवालय तक ही सीमित नहीं होने चाहिए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कल एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमे लगता है कि विस्तृत एवं व्यापक स्तर पर सुधारों की आवश्यकता है। आप केवल सचिवालय में ही सुधार नहीं कर सकते। संयुक्त राष्ट्र निकायों के प्रशासन संबंधी मुद्दों में सुधार कोई मामूली कदम नहीं है।

उनका यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपना पहला भाषण देने जा रहे हैं।

वि निकाय में में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, हमारे लिए सुधार का मतलब व्यापक-विस्तृत एवं सभी को शामिल करने वाला है। हमें दूसरे देशों के हमारे दोस्तों एवं सहकर्मियों से इस पर सहयोग मिलने की उम्मीद है।

अकबरुद्दीन ने बताया कि भारत, सुधारों का समर्थन करने वाले देशों के साथ संपर्क में है।

न्यूयॉर्क स्थित वि संस्था के मुख्यालय में ट्रंप 18 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

भारत उन 120 देशों में शामिल है जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सुधार प्रयासों का समर्थन किया है और वह बैठक में भी हिस्सा लेगा।

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श्रीलंकाई क्रिकेटर चमारा सिल्वा पर 2 साल का बैन

चमारा सिल्वा को फिक्सिंग समेत कई मामलों में दोषी पाया गया

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने क्रिकेटर चमारा सिल्वा पर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। चमारा सिल्वा को एक मैच के दौरान चोटिल होने का बहाना बनाकर मैदान से बाहर जाने का दोषी पाया गया है। ये मैच जनवरी में  पांडुरा क्रिकेट क्लब और कालुत्रा फिजिकल कल्चर क्लब के बीच खेला गया था। जहां मैच के चौथे दिन सिल्वा चोटिल होने का बहाना बनाकर मैदान से बाहर चले गए थे। सिल्वा पांडुरा क्लब के कप्तान भी थे।

चमारा सिल्वा की भूमिका को लेकर लगभग 7 महीने तक जांच चली। इसके बाद उन्हे मामले में दोषी पाया गया और 2 साल के लिए बैन लगा दिया गया। जांच के दौरान मैच फिक्सिंग की भी बात निकलकर सामने आ रही है।

इसके अलावा इसी मैच को लेकर कालुत्रा के कप्तान मनोज देशप्रिय पर भी दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। बाकी सभी खिलाड़ियों, कोचों और प्रशासनिक अधिकारियों पर 1 साल का प्रतिबंध लगा है।

वहीं क्लब पर भी 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इस मैच के परिणाम को भी रिकॉर्ड में नहीं गिना जाएगा।

श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष ने कहा कि किसी भी टीम की जिम्मेदारी कप्तान के ऊपर होती है। उन्होंने फैसला लिया या नहीं हमें नहीं पता। लेकिन आईसीसी के नियमों के मुताबिक इसकी जिम्मेदारी कप्तान की होती है। यहां तक कि स्लो ओवर रेट के लिए भी कप्तान ही जिम्मेदार होता है'।

जांच समिति ने इस बात की जांच की एक ही दिन में 24 विकेट कैसे गिरे और 13 ओवरों में 10 से ज्यादा का रन रेट कैसे बना रहा। आपको बता दें इस मैच में पांडुरा क्रिकेट क्लब ने अपनी पहली पारी में 68.3 ओवर में 423 रन बना डाले। इसके अलावा दूसरी पारी में 165 रनों के लक्ष्य को महज 13.4 ओवरों में ही हासिल कर लिया।

मैच कोई भी हो लेकिन 68.3 ओवर में 400 से ज्यादा रन बनना लगभग नाममुकिन है। इसीलिए जांच में दोषी पाए जाने के बाद सिल्वा पर दो साल का बैन लगा दिया गया।

Source:sportskeeda.com

सेंसेक्स की शीर्ष दस में से आठ कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 62,156 करोड़ रुपये बढ़ा

नयी दिल्ली, 17 सितंबर भाषा सेंसेक्स की शीर्ष दस में से आठ कंपनियों के बाजार पूंजीकरण :मार्केट कैप: में बीते सप्ताह 62,156.32 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। सबसे अधिक लाभ में रिलायंस इंडस्ट्रीज तथा एचडीएफसी बैंक रहे।

सप्ताह के दौरान सिर्फ आईटीसी तथा एचडीएफसी के बाजार मूल्यांकन में गिरावट आई। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी इंडिया, एसबीआई, ओएनजीसी तथा इन्फोसिस की बाजार हैसियत बढ़ी।

समीक्षाधीन अवधि में रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार मूल्यांकन 17,074.13 करोड़ रुपये बढ़कर 5,48,583.78 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन 15,707.78 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 4,77,260.83 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान यूनिलीवर का 8,387.35 करोड़ रुपये बढ़कर 2,69,585.71 करोड़ रुपये रहा।

ओएनजीसी के बाजार मूल्यांकन में 6,416.62 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और यह 2,14,186.70 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इन्फोसिस का बाजार मूल्यांकन 5,561.54 करोड़ रुपये की वृद्धि के साथ 2,08,702.54 करोड़ रुपये रहा।

सप्ताह के दौरान टीसीएस की बाजार हैसियत 5,436.58 करोड़ रुपये बढ़कर 4,78,294.33 करोड़ रुपये तथा मारुति का 3,486 करोड़ रुपये बढ़कर 2,44,328.39 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। एसबीआई के बाजार मूल्यांकन में 86.32 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 2,34,834.93 करोड़ रुपये रहा।

वहीं दूसरी ओर आईटीसी का बाजार मूल्यांकन 3,775.89 करोड़ रुपये घटकर 3,28,076.55 करोड़ रुपये तथा एचडीएफसी का 1,179.14 करोड़ रुपये घटकर 2,82,173.93 करोड़ रुपये रहा।

शीर्ष दस की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर रही। उसके बाद क्रमश: टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, आईटीसी, एचडीएफसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति, एसबीआई, ओएनजीसी तथा इन्फोसिस का स्थान रहा। बीते सप्ताह बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में 585.09 अंक या 1.84 प्रतिशत का इजाफा हुआ। वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी 150.60 अंक या 1.51 प्रतिशत के लाभ में रहा।

Source:repository.com

Saturday, 16 September 2017

या​त्रियों के फीडबैक जानने का रेलवे ने निकाला नया तरीका, पैसेंजर को होगा फायदा

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधाओं के लिए एक अहम फैसला लेने जा रहा है। यात्रियों को अब खाना और सर्विस के बारे में रेलवे को सूचना देने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यात्री अब तुरंत अपना फीडबैक रेलवे को बता सकते हैं। महंगे रेस्टोरेंट्स में तुरंत फीडबैक के लिए इस्तेमाल होने वाले टेबलेट की तर्ज पर यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सूत्रों की मानें तो सबसे पहले यह टेबल तेजस, राजधानी, अगस्त क्रांति, और शताब्दी क्रान्ति में शनिवार से लागू किया जाएगा। बता दें कि ट्रेनों में इस तरह का टेबलेट सबसे पहले अहमदाबाद-दिल्ली राजधानी में गुरूवार को इस्तेमाल किया गया था।

साफ्टवेयर में यात्रियों की जानकारी होगी रिकॉर्ड

आईआरसीटीसी के चीफ प्रवक्ता पिनाकिन मोरावाला ने कहा कि टेबलेट्स की मदद से हमें यात्रियों का तुरंत फीडबैक मिलेगा। यह हमें खाने की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ कस्टमर फीडबैक जानने में भी मदद करेगा।
वहीं आईआरसीटीसी के जनरल मैनेजर ने कहा कि हमें टेबलेट्स मिल गए हैं और हमने अपने स्टाफ को दे दिए हैं। यात्रियों का फीडबैक हमें शनिवार से तेजस एक्सप्रैस और राजधानी एक्सप्रैस में मिलेगा। 

टेबलेट के सॉफ्टवेयर में यात्री का नाम, फोन नंबर, और ट्रेन की जानकारी रिकॉर्ड होगी। उसके बाद खाने की क्वालिटी और यात्रा के अनुभव के बारे में पूछा जाएगा। एक बार रिकॉर्ड होने के बाद या​त्रियों के पास एक मैसेज आएगा जिसमें उन्हें थैंक्स कहा जाएगा। यह सब तभी आएगा जब किसी यात्री ने खाने या खाना ना मिलने की शिकायत की हो।

Source:hindusthan.com

पाकिस्तान में ईशनिंदा पर ईसाई व्यक्ति को मौत की सजा, व्हाट्सऐप पर भेजा था कविता

नई दिल्ली। पाकिस्तान में ईशनिंदा करने पर ईसाईनागरिक नदीम जेम्स मसीह को मौत की सजा सुनाई गई है। नदीम मसीह ने व्हॉट्सऐप पर अपने दोस्त को इस्लाम की निंदा करने वाला संदेश भेजा था। नदीम जेम्स मसीह को जुलाई में इस मामले में आरोपी बनाया गया था। उसके दोस्त ने ही पुलिस में शिकायत की थी कि मसीह ने उसे वॉट्सऐप पर एक ऐसी कविता भेजी जो इस्लाम का अपमान कर रह रही थी।

नदीम मसीह के वकील ने बताया, गत जुलाई में उसके दोस्त यासिर बशीर ने पुलिस को व्हॉट्सऐप संदेश के बारे में जानकारी दी थी। यासिर के अनुसार, नदीम मसीह ने वाट्सएप पर उसने एक कविता भेजी थी, जिसमें इस्लाम की निंदा की गई थी।

नदीम मसीह पंजाब प्रांत के सारा-ए-आलमगीर कस्बे का रहने वाला है। घटना के बाद उसके घर को गुस्साए लोगों की भीड़ ने घेर लिया था। इससे डरकर वह भाग गया था। हालांकि बाद में उसने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

अधिवक्ता अंजुम वकील ने कहा कि उसका मुवक्किल नदीम मसीह 'निर्दोष' है। हम हाई कोर्ट में अपील करेंगे, क्योंकि नदीम मसीह पर एक मुस्लिम लड़की से संबंध होने का आरोप लगाया गया है। सुरक्षा कारणों से जेल के अंदर मामले की सुनवाई हुई।जज ने शुक्रवार को उसे दोषी पाया और मौत की सजा सुनाई।

Source:oneindia.com

बिग बॉस का हिस्सा रहा यह पहलवान बना केडी जाधव इंटरनेशनल कुश्ती चैंपियन

संग्राम सिंह ने जीता केडी जाधव कुश्ती चैंपियिशिप का खिताब

नई दिल्ली। रियलटी शो बिग बॉस का हिस्सा रह चुके पहलवान संग्राम सिंह ने शुक्रवार को पहली केडी जाधव इंटरनेशनल कुश्ती चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया. उन्होंने तालकटोरा स्टेडियम में खेले गए मैच में अमेरिका के केविन रेडफोर्ड को मात देते हुए खिताब जीता. इस चैंपियनशिप में कुल पांच मुकाबले खेले गए थे जिनमें से चार मुकाबले पुरुष और एक मुकाबला महिलाओं का था.

रिंग में खेली जाने वाली इस कुश्ती के पहले राउंड में रेडफोर्ड ने पहले राउंड में संग्राम को बैकफुट पर धकेल दिया. हालांकि संग्राम ने दूसरे राउंड में शानदार वापसी की और इसका अंत तीन अंकों (12-9) की बढ़त लेते हुए सकारात्मक तौर पर किया. तीसरे राउंड में संग्राम ने अमेरिकी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा और 16-11 की बढ़त ले ली. इस दौरान केविन ने वापसी की और अगले राउंड में अंकों के अंतर को कम कर दिया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी अंतिम राउंड में 24-20 की बढ़त के साथ गए. आखिरी राउंड में संग्राम ने अपने विपक्षी को कोई भी मौका नहीं दिया और 27-23 से जीत हासिल की.

इससे पहले, चैंपियनशिप के पहले मुकाबले में भारत के शेपाल यादव ने हमवतन सचिन अत्री को 15-0 से मात दी. सचिन दूसरे राउंड में अपना कंधा चोटिल कर बैठे और इसी कारण वह मुकाबला पूरा नहीं कर पाए. चैंपियनशिप के दूसरे मुकाबले में काफी रोमांच देखने को मिला, लेकिन दुर्भाग्यवश इसका अंत भी पहले मुकाबले की तरह हुआ. संजय देसवाल को चौथे राउंड में पसली में चोट लगी जिसके कारण वह मुकाबला पूरा नहीं कर पाए और प्रतीक भक्त को विजेता घोषित कर दिया गया.

चैंपियनशिप के तीसरे मैच में स्टूडेंट ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले लाभांशु ऋषिकेश ने ओम प्रकाश को 18-3 से मात देते हुए मैच अपने नाम किया. चौथा मैच महिलाओं के बीच था जिसमें एकता और आकांक्षा आमने-सामने थीं. आक्रामक आकांक्षा ने मैच की शुरुआत से ही अपना दबदबा दिखाया और अपने बेहतरीन दांव के जरिए अपनी विपक्षी को पटखनी देते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

Source:india.com

…जब दबंग खान को इंग्लैंड की संसद ने दिया सम्मान

सलमान खान के फैन्स के लिए खुश होने का बेहतरीन मौक़ा है. क्योंकि सलमान को अवार्ड जो मिला है, वो अवार्ड उन्हें भारत में नहीं बल्कि लन्दन में मिला है. यानी इसका मतलब ये ख़ुशी केवल सलमान के लिए या उनके फैन्स के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए हैं. दरअसल भाई जान इन दिनों दबंग टूर के लिए लन्दन की यात्रा पर हैं. 17 सितम्बर को सलमान लन्दन में परफॉर्म करने वाले हैं. लेकिन इसके सलिब्रेशन से पहले एक और ज़बरदस्त खबर भारतीयों के लिए है. क्योंकि सलमान खान को यूनाइटेड किंगडम के हाउस ऑफ़ कॉमन्स यानी संसद द्वारा सम्मानित किया गया है.

सलमान को ग्लोबल डायवर्सिटी के लिए ब्रिटिश एशियन सांसद होन केथ वेज़ द्वारा सम्मानित किया गया है. सलमान की फोटोज बता रही हैं कि इस अवार्ड को लेने के दौरान वो काफी अच्छा महसूस कर रहे थे.

बॉलीवुड के दबंग सलमान खान कुछ दिन फिल्मों से दूर रहेंगे और दुनिया की सैर करेंगे. सलमान 10 साल बाद इंग्लैंड के टूर पर निकल रहे हैं. यहाँ भाईजान दो डांस कॉन्सर्ट करेंगे, जिसमें अंग्रेज़ भी उनका दबंग लुक देखेंगे. इस कॉन्सर्ट में सलमान के साथ 7 और सितारे शामिल होंगे. कॉन्सर्ट का नाम ‘दबंग दि टूर’ रखा गया है. इनके टिकट आप भी हासिल कर सकते हैं.

Source:indianletter.com

जेएनयू, डीयू, इग्नू और उच्चतम न्यायालय बार नहीं ले सकते विदेशी सहायता

नयी दिल्ली 13 सितंबर भाषा डीयू, जेएनयू, आईआईटी दिल्ली, इग्नू और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जैसे देश के प्रमुख शिक्षण संस्थान तथा उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन सहित सैकड़ों संगठनों को विदेशी सहायता प्राप्त करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी सहायता विनियमन कानून 2010 एफसीआरए के तहत इन संस्थानों के पंजीकरण को इस आधार पर रद्द कर दिया क्योंकि ये संस्थान लगातार पांच वर्ष से वार्षिक रिटर्न जमा करने में नाकाम रहे। नियमानुसार एफसीआरए के तहत पंजीकरण कराये बिना कोई भी संस्थान विदेशी सहायता हासिल नहीं कर सकता है। साथ ही इस कानून के तहत पंजीकृत संस्थान को अपनी आय व्यय का सालाना रिटर्न सरकार को हर साल पेश करना अनिवार्य है और इसका पालन नहीं करने वाले संस्थानों का एफसीआरए के तहत पंजीकरण निरस्त कर दिया जाता है।

इस प्रावधान का पालन नहीं करने के कारण गृह मंत्रालय द्वारा एफसीआरए के तहत पंजीकरण रद्द किये गये शिक्षण संस्थानों की फेहरिस्त में पंजाब विविद्यालय, दून स्कूल एसोसिएशन, दिल्ली स्थित गार्गी कालेज, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कालेज और लेडी इरविन कालेज भी शामिल हैं। इतना ही नहीं एफसीआरए के तहत पंजीकरण रद्द करने की मंत्रालय की कार्वाई के दायरे में शिक्षण संस्थानों के अलावा उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन, एस्कॉर्ट अस्पताल, गांधी शांति प्रतिष्ठान, नेहरू युवा केन्द्र संगठन, आर्म्ड फोर्सिस फ्लेग डे फंड, फिक्की, दिल्ली स्थित स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और सामाजिक आर्थिक विकास फांउडेशन भी शामिल हैं। जबकि सामाजिक संगठनों में डा. राम मनोहर लोहिया इंटरनेशनल ट्रस्ट और डा. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को भी विदेशी सहायता लेने से प्रतिबंधित करते हुये इनका एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिया गया है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस कार्वाई के दायरे में आये संस्थान विाीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक आय व्यय का वार्षिक रिटर्न जमा करने में नाकाम रहे। कार्वाई से पहले इन संस्थानों को गत 14 जून को जारी नोटिस में 23 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने की मोहलत भी दी गयी थी लेकिन इसका पालन नहीं कर पाने के कारण एफसीआरए के तहत इनका पंजीकरण रद्द किया गया है।

Source:Repository.com

Thursday, 14 September 2017

जेएनयू, डीयू, इग्नू और उच्चतम न्यायालय बार नहीं ले सकते विदेशी सहायता

नयी दिल्ली 13 सितंबर भाषा डीयू, जेएनयू, आईआईटी दिल्ली, इग्नू और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद जैसे देश के प्रमुख शिक्षण संस्थान तथा उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन सहित सैकड़ों संगठनों को विदेशी सहायता प्राप्त करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने विदेशी सहायता विनियमन कानून 2010 एफसीआरए के तहत इन संस्थानों के पंजीकरण को इस आधार पर रद्द कर दिया क्योंकि ये संस्थान लगातार पांच वर्ष से वार्षिक रिटर्न जमा करने में नाकाम रहे। नियमानुसार एफसीआरए के तहत पंजीकरण कराये बिना कोई भी संस्थान विदेशी सहायता हासिल नहीं कर सकता है। साथ ही इस कानून के तहत पंजीकृत संस्थान को अपनी आय व्यय का सालाना रिटर्न सरकार को हर साल पेश करना अनिवार्य है और इसका पालन नहीं करने वाले संस्थानों का एफसीआरए के तहत पंजीकरण निरस्त कर दिया जाता है।

इस प्रावधान का पालन नहीं करने के कारण गृह मंत्रालय द्वारा एफसीआरए के तहत पंजीकरण रद्द किये गये शिक्षण संस्थानों की फेहरिस्त में पंजाब विविद्यालय, दून स्कूल एसोसिएशन, दिल्ली स्थित गार्गी कालेज, श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कालेज और लेडी इरविन कालेज भी शामिल हैं। इतना ही नहीं एफसीआरए के तहत पंजीकरण रद्द करने की मंत्रालय की कार्वाई के दायरे में शिक्षण संस्थानों के अलावा उच्चतम न्यायालय बार एसोसिएशन, एस्कॉर्ट अस्पताल, गांधी शांति प्रतिष्ठान, नेहरू युवा केन्द्र संगठन, आर्म्ड फोर्सिस फ्लेग डे फंड, फिक्की, दिल्ली स्थित स्कूल आफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर और सामाजिक आर्थिक विकास फांउडेशन भी शामिल हैं। जबकि सामाजिक संगठनों में डा. राम मनोहर लोहिया इंटरनेशनल ट्रस्ट और डा. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट को भी विदेशी सहायता लेने से प्रतिबंधित करते हुये इनका एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिया गया है।

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि इस कार्वाई के दायरे में आये संस्थान विाीय वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक आय व्यय का वार्षिक रिटर्न जमा करने में नाकाम रहे। कार्वाई से पहले इन संस्थानों को गत 14 जून को जारी नोटिस में 23 जुलाई तक रिटर्न फाइल करने की मोहलत भी दी गयी थी लेकिन इसका पालन नहीं कर पाने के कारण एफसीआरए के तहत इनका पंजीकरण रद्द किया गया है।

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चकमा और हजांग शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता

नयी दिल्ली 12 सितंबर भाषा केन्द्र सरकार लगभग पांच दशक पहले तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान से भारत में आये करीब एक लाख चकमा और हजांग शरणार्थियों को जल्द ही भारतीय नागरिकता प्रदान कर देगी।

गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने आज यह जानकारी देते हुये बताया कि पूर्वोार राज्यों में रह रहे अधिकांश चकमा और हजांग शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने से स्थानीय नागरिकों के अधिकारों में कोई कटौती नहीं होने दी जायेगी। चकमा और हजांग शरणार्थियों के मुद्दे पर केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज हुई उच्चस्तरीय बैठक में चर्चा की गयी।

उच्चतम न्यायालय ने साल 2015 में चकमा और हजांग शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का आदेश दिया था। इनमें से अधिकांश शरणार्थी अरुणाचल प्रदेश में रह रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, रिजीजू और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मौजूदगी में हुई बैठक में अदालत के इस फैसले को लागू करने की कार्ययोजना पर चर्चा की गयी।

बैठक के बाद रिजीजू ने कहा कि इन शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने के लिये बीच का रास्ता अपनाया जायेगा जिससे न्यायपालिका के आदेश का पालन भी सुनिश्चित हो सके और स्थानीय लोगों के अधिकारों में कोई कटौती भी न हो। उन्होंने कहा कि चकमा शरणार्थी अरुणाचल प्रदेश में 1964 से रह रहे हैं और इन्हें नागरिकता देने संबंधी अदालत के आदेश का यथाशीघ्र पालन करने की जरूरत है। स्वयं अरुणाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले रिजीजू ने भरोसा दिलाया कि इससे स्थानीय लोगों और आदिवासी समुदायों के नागरिक अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी।

अरुणाचल प्रदेश के तमाम सामाजिक संगठन शरणार्थियों को नागरिकता देने का विरोध कर रहे हैं। इनकी दलील है कि इससे राज्य की जनसांख्यिकी की स्थिति बदल जायेगी। इसके मद्देनजर केन्द्र सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करते हुये चकमा और हजांग शरणार्थियों को जमीन खरीदने सहित अन्य अधिकार नहीं देने के प्रस्ताव सहित अन्य विकल्पों पर विचार कर रही है।

रिजीजू ने मौजूदा स्थिति के लिये कांग्रेस को कसूरवार ठहराते हुये कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में स्थानीय लोगों को विास में लिये बिना इन शरणार्थियों को राज्य में बसाया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसा कर स्थानीय लोगों के साथ घोर अन्याय किया और अब हम इस मामले में बीच का रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं जिससे अदालत के आदेश का भी सम्मान किया जा सके औरस्थानीय लोगों के अधिकार भी प्रभावित नहीं हों। साथ ही चकमा और हजांग शरणार्थियों के मानवाधिकार भी सुरक्षित किये जा सकें।

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धांधली की शिकायतों पर एक्शन में योगी, 46 मदरसों का अनुदान रोका

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सूबे के मदरसों को तगड़ा झटका दिया है. सरकार ने राज्य के 46 मदरसों को मिलने वाली अनुदान राशि पर रोक लगा दी है. डीआईओएस की रिपोर्ट के बाद यह रोक लगाई गई है. इन मदरसों के खिलाफ मानकों के हिसाब से काम नहीं करने की शिकायत मिली थी.

उत्तर प्रदेश 560 मदरसों को अनुदान राशि देती है. इस अनुदान राशि में शिक्षकों की सैलरी और रख रखाव का खर्च शामिल होता है. इस संबंध में मिली शिकायत के मुताबिक इन मदरसों में सैलरी तो कम दी जाती है, लेकिन हस्ताक्षर ज्यादा पर करवाया जाता है यानी रिकॉर्ड में जितनी सैलरी दी जाती है, उससे ज्यादा दिखाई जाती है.

इतना ही नहीं, इन मदरसों पर पढ़ाई लिखाई सिर्फ कागजों में ही दिखाए जाने का आरोप है. आरोप है कि इन मदरसों में पढ़ाई लिखाई नहीं होती है, बल्कि कागजों में दिखाया जाता है. इससे पहले योगी सरकार ने आदेश जारी कर सूबे के सभी मदरसों को हिंदी में मदरसे का नाम, खुलने और बंद होने का वक्त समेत तमाम जानकारियां लिखनी होंगी.

इस पर यूपी सरकार के मंत्री बलदेव सिंह ओलख ने कहा था कि ये आदेश इसलिए दिया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जान सकें कि आखिरकार इस मदरसे का नाम क्या है? साथ ही ये भी लोग जान सकें कि यहां किस तरह की पढ़ाई होती है. मदरसों के खुलने और बंद होने का वक्त भी अब बोर्ड पर लिखना होगा.

Source:aajtak.in
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धांधली की शिकायतों पर एक्शन में योगी, 46 मदरसों का अनुदान रोका

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सूबे के मदरसों को तगड़ा झटका दिया है. सरकार ने राज्य के 46 मदरसों को मिलने वाली अनुदान राशि पर रोक लगा दी है. डीआईओएस की रिपोर्ट के बाद यह रोक लगाई गई है. इन मदरसों के खिलाफ मानकों के हिसाब से काम नहीं करने की शिकायत मिली थी.

उत्तर प्रदेश 560 मदरसों को अनुदान राशि देती है. इस अनुदान राशि में शिक्षकों की सैलरी और रख रखाव का खर्च शामिल होता है. इस संबंध में मिली शिकायत के मुताबिक इन मदरसों में सैलरी तो कम दी जाती है, लेकिन हस्ताक्षर ज्यादा पर करवाया जाता है यानी रिकॉर्ड में जितनी सैलरी दी जाती है, उससे ज्यादा दिखाई जाती है.

इतना ही नहीं, इन मदरसों पर पढ़ाई लिखाई सिर्फ कागजों में ही दिखाए जाने का आरोप है. आरोप है कि इन मदरसों में पढ़ाई लिखाई नहीं होती है, बल्कि कागजों में दिखाया जाता है. इससे पहले योगी सरकार ने आदेश जारी कर सूबे के सभी मदरसों को हिंदी में मदरसे का नाम, खुलने और बंद होने का वक्त समेत तमाम जानकारियां लिखनी होंगी.

इस पर यूपी सरकार के मंत्री बलदेव सिंह ओलख ने कहा था कि ये आदेश इसलिए दिया गया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जान सकें कि आखिरकार इस मदरसे का नाम क्या है? साथ ही ये भी लोग जान सकें कि यहां किस तरह की पढ़ाई होती है. मदरसों के खुलने और बंद होने का वक्त भी अब बोर्ड पर लिखना होगा.

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नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन या तस्करी वाले देशों की ट्रंप की सूची में भारत शामिल

वाशिंगटन, 14 सितंबर भाषा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध रूप से नशीले पदार्थों का उत्पादन या तस्करी करने वाले देशों के तौर पर भारत समेत 21 देशों की पहचान की है।

भारत के अलावा नशीले पदार्थों का उत्पादन या तस्करी करने वाले देशों के तौर पर जिन अन्य दक्षिण एशियाई देशों की पहचान की गई है, उनमें अफगानिस्तान और पाकिस्तान शामिल हैं। म्यामां भारत का एक और पड़ोसी देश है, जो इस सूची में शामिल है।

इसके अलावा बहामा, बेलीज, बोलिविया, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इाडोर, एल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पनामा, पेरू और वियतनाम इस सूची में शामिल हैं।

ट्रंप ने कहा, इस सूची में किसी देश की मौजूदगी उस देश की सरकार के नशीले पदार्थ विरोधी प्रयासों और अमेरिका के साथ सहयोग के स्तर को प्रतिबिम्बित नहीं करती।

उन्होंने बताया कि इस सूची में किसी देश को रखने का मुख्य कारण भौगोलिक, वाणिज्यिक और आर्थिक कारक हैं जिनके कारण इन पदार्थों की तस्करी या उत्पादन होता है, भले ही उस देश की सरकार ने नशीले पदार्थों के नियंत्रण संबंधी कानूनी कदम उठाने के लिए कितने भी प्रयास क्यों न किए हों।

इसके साथ ही ट्रंप ने बोलिविया और वेनेजुएला को ऐसे देशों के तौर पर चिनित किया है जो नशीले पदार्थ विरोधी अंतरराष्ट्रीय समझाौतों के तहत पिछले 12 महीनों में अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करने में बुरी तरह असफल रहे हैं।

उन्होंने कहा, इसके अलावा, अमेरिका सरकार ने कोका की अत्यधिक पैदावार और पिछले 12 महीनों मे कोकीन की रिकॉर्ड पैदावार समेत पिछले तीन साल में इसके उत्पादन के कारण नशीले पदार्थ विरोधी अंतरराष्ट्रीय समझाौतों के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में बुरी तरह असफल रहने वाले देश के तौर पर कोलंबिया को भी चिनित करने पर गंभीरता से विचार किया।

ट्रंप ने कहा कि कोलंबिया को इस सूची में इसलिए शामिल नहीं किया गया क्योंकि कोलंबियाई राष्ट्रीय पुलिस और सशस्त्र बल पश्चिमी गोलार्द्ध में अमेरिका के नजदीकी कानून प्रवर्तन एवं सुरक्षा साझाीदार हैं और वे प्रतिबंध सभी प्रयासों में सुधार कर रहे हैं और उन्होंने नशीले पदार्थ विरोधी प्रयास पुन: आरंभ कर दिए हैं।

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