Tuesday, 8 August 2017

दही हांडी में भाग लेने के लिए 14 साल हो उम्र, ऊंचाई पर पाबंदी नहीं: HC

मंबई हाई कोर्ट ने आज महाराष्ट्र सरकार के इस बयान को स्वीकार कर लिया है कि दही हांडी उत्सव में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के भाग लेने की अनुमति नहीं होगी.न्यायमूर्त बी. आर. गवई और न्यायमूर्त एम. एस. कार्नकि की खंड पीठ ने हालांकि उत्सव के दौरान बनने वाली मानव पिरामिड की अधिकतम ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया है.

न्यायमूर्त गवई ने कहा, हाई कोर्ट  प्रतिभागियों की आयु या पिरामिड की ऊंचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता है, क्योंकि यह राज्य विधायिका का विशेषाधिकार है. न्यायाधीश ने कहा, हम राज्य सरकार की ओर से दिए गए बयान को स्वीकार करते हैं कि वह सुनिश्चित करेगी कि दही हांडी उत्सव में 14 वर्ष से कम आयु का कोई बच्चा भाग नहीं लेगा.

राज्य सरकार की ओर से पेश हुए अवर सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि बाल श्रम निषेध और विनियमन कानून के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को उत्सव में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स घोषित कर दिया है.अदालत शहर के दो नागरिकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

Source:aajtak.in

गेटलिन ने अपमान का डटकर किया सामना, पदक वितरण समारोह में हूटिंग

वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के 100 मीटर चैंपियन बने जस्टिन गेटलिन को और अपमान का सामना करना पड़ा जब ओलंपिक स्टेडियम में पदक वितरण समारोह के दौरान दर्शकों ने एक बार फिर उनकी जबर्दस्त हूटिंग की जबकि तीसरे स्थान पर रहने के बावजूद उन्होंने बोल्ट की खूब हौसलाअफजाई की.

डोपिंग अपराध के कारण दो निलंबन का सामना करने वाले 35 साल के गेटलिन ने संन्यास ले रहे बोल्ट की विदाई रेस में जीत की उम्मीद तोड़ते हुए 100 मीटर फाइनल का खिताब जीता जिसमें जमैका के सुपरस्टार को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा. बोल्ट के अब जमैका की ओर से चार गुणा 100 मीटर स्पर्धा में हिस्सा लेने की उम्मीद है जहां उनकी टीम अपना खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी.

पहले जीत के समारोह के दौरान भी दर्शकों ने गेटलिन की हूटिंग की थी जबकि उनकी जीत के बाद भी ऐसा हुआ था. हालांकि जब कांस्य पदक विजेता बोल्ट का नाम घोषित किया गया तो दर्शकों ने उनका स्वागत किया. जैसे ही गेटलिन का नाम लिया गया दर्शकों ने उनकी हूटिंग शुरू कर दी. सभी दर्शकों ने हालांकि ऐसा नहीं किया और काफी दर्शक गेटलिन की जीत को स्वीकार करते हुए तालियां भी बजा रहे थे.

गेटलिन ने इस अपमान का डटकर सामना किया और पोडियम पर कोई भावना नहीं दिखाई. उन्होंने बाद में बोल्ट और रजत पदक विजेता हमवतन अमेरिकी क्रिस्टियन कोलेमन के साथ मिलकर तस्वीरें खिंचाई.

Source:aajtak.in

मध्यप्रदेश: 11 दिनों से अनशन पर बैठी मेधा पाटकर को पुलिस ने जबरन उठाया

पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और पुलिस ने बलप्रयोग भी किया.

नई दिल्ली. सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ने से डूब में आने वालों के हक के लिए 11 साथियों के साथ अनशन कर रहीं नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर को 12वें दिन सोमवार की देर शाम पुलिस व प्रशासन के नुमाइंदे आंदोलनकारियों के भारी विरोध के बीच उठाकर ले गए. इंदौर के कश्मिनर संजय दुबे ने कहा कि अनशन पर बैठे लोगों को स्वास्थ्य कारणों से उठाकर अस्पताल ले जाया गया है.

मेधा की मांग है कि पहले पुनर्वास की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही डूब क्षेत्र में आने वाले हजारों लोगों को विस्थापित किया जाए. इस मांग को लेकर वह अन्य 11 लोगों के साथ 27 जुलाई से ही अनिश्चितकालीन अनशन कर रही हैं. 12 दिन से अनशन कर रहीं मेधा की तबीयत काफी बिगड़ गई है, लेकिन वह अनशन तोड़ने को राजी नहीं हैं. धार जिले के चिखिल्दा में चल रहे मेधा के अनशन को विभिन्न विपक्षी पार्टियों से लेकर सामाजिक संगठनों तक का साथ मिल रहा है.

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन के प्रतिनिधि रविवार की रात से ही मेधा को मनाने के लिए चिखल्दा पहुंच चुके थे. जिलाधिकारी श्रीमन शुक्ला ने मेधा से कई दौर की बात कर अनशन खत्म करने का आग्रह किया, मगर वह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से बात करना चाहती थीं.

रक्षाबंधन के दिन सुबह से ही राजघाट और चिखल्दा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया. देर शाम को भारी पुलिस की मौजूदगी में मेधा व अन्य ग्यारह को अनशन स्थल से जबरन उठाया गया और एंबुलेंस से किसी अस्पताल में ले जाया गया. इस दौरान पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई और पुलिस ने बलप्रयोग भी किया.

कमिश्नर संजय दुबे ने आईएएनएस को बताया कि मेधा व अन्य की सेहत अच्छी नहीं होने के कारण उन्हें प्रशासन ने उठाया है. उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है. दुबे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह बताने से इनकार किया कि मेधा पाटकर को किस अस्पताल ले जाया गया है.

इससे पहले, नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि ने आईएएनएस को बताया, “मेधा के स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई है. यहां भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिसके चलते लोग डरे हुए हैं. सरकार ने एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को भेजा था, उसके बाद से उसकी ओर से कोई कदम नहीं बढ़ाया गया है और न ही बातचीत का प्रयास किया गया है.

मेधा की बिगड़ती तबीयत को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी चिंता जता चुके हैं और उनसे उपवास खत्म करने का आग्रह कर चुके हैं. उन्होंने इंदौर के संभागायुक्त संजय दुबे, अपर सचिव चंद्रशेखर बोरकर के साथ भय्यूजी महाराज को शनिवार को मेधा से संपर्क करने भेजा था, मगर बात नहीं बनी.

सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई 138 मीटर किए जाने से मध्यप्रदेश की नर्मदा घाटी के 192 गांव और इनमें बसे 40 हजार परिवार प्रभावित होने वाले हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने 31 जुलाई तक पूर्ण पुनर्वास के बाद ही विस्थापन और बांध की ऊंचाई बढ़ाने का निर्देश दिया था. विस्थापितों के लिए जहां नई बस्तियां बसाने की तैयारी चल रही है, वहां के हालत रहने लायक नहीं हैं। विरोध की वजह यही है.

मेधा अपनी मांगों पर अडिग हैं, और उनका कहना है कि पहले सरदार सरोवर के जो गेट बंद किए गए हैं, उन्हें खोला जाए, पूर्ण पुनर्वास हो, उसके बाद ही विस्थापन किया जाए. इसके लिए सरकार सीधे संवाद करे.

Source:india.com

ना'PAK' राजनीति में हाफिद सईद की एंट्री, सैफुल्ला को बनाया पार्टी अध्यक्ष

पाकिस्तान में सोमवार को आतंकी हाफिद सईद की राजनीतिक पार्टी का आधिकारिक गठन हो गया है. पार्टी का नाम 'मिल्ली मुस्लिम लीग' है. हाफिद सईद ने जमात-उद दावा के सीनियर सदस्य सैफुल्ला खालिद को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया है.

आतंकी संगठन जमात-उद दावा का मुखिया हाफिद सईद पिछले छह महीने से पाकिस्तान में नजरबंद है. मगर बंद दरवाजों से ही उसने सियासत में हाथ आजमाने का खेल शुरू कर दिया है.

हाल ही में हाफिज सईद ने अपने संगठन जमात-उद-दावा की ओर से पाकिस्तान चुनाव आयोग में 'मिल्ली मुस्लिम लीग' के नाम से राजनीति पार्टी को मान्यता देने के लिए अर्जी दी थी. जिसके बाद अब उसने पार्टी गठन की घोषणा की है.

2018 चुनाव पर नजर

हाफिद सईद की नजर 2018 में पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव पर है. जल्द ही पार्टी नए चेहरों का ऐलान करेगी. पार्टी गठन के दौरान कहा गया है कि वो कश्मीर का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाएंगे. हालांकि, हाफिद सईद ने अब्दुल रहमान मक्की और खुद को पार्टी से दूर रखा है. 

बता दें कि पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल अपने चरम पर है. पनामा केस में नवाज शरीफ को पीएम की कुर्सी गंवानी पड़ी है. ऐसे में हाफिज सईद को ये मौका सबसे मुफीद नजर आ रहा है.

मगर जमात-उद दावा को लेकर अमेरिका भी चेतावनी जारी कर चुका है. अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार को जमात-उद दावा के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी. वहीं भारत भी दुनियाभर में आतंक के लिए जमीन देने वालों के खिलाफ विकसित राष्ट्रों को एकसूत्र में बांधने का काम कर रहा है. ऐसे में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान और जमात-उद दावा के प्रति अमेरिका जैसे दूसरे ताकतवर देशों का रवैया देखकर हाफिद सईद ने राजनीतिक दल के माध्यम से खुद को मजबूत करने की योजना बनाई है.

 source:aajtak.in

Monday, 7 August 2017

100 दिन में पूरी की 10 हजार किलोमीटर की दौड़ और बना दिया वर्ल्ड रिकॉर्ड

समीर ने जब मुंबई की सड़कों पर हर रोज 100 किलोमीटर की दौड़ शुरु की तो उन्हें देखने वाले हैरान रह गए.

समीर ने जब मुंबई की सड़कों पर दौड़ना शुरू किया तो सोशल मीडिया पर 'The Faith Runner' के नाम से कैंपेन भी शुरु की गई. 

नई दिल्ली: 100 दिन तक दौड़ लगाकर रविवार को मध्य प्रदेश के रहने वाले समीर जब मुंबई पहुंचे तब तक वे एक विश्व रिकॉर्ड कायम कर चुके थे. 42 वर्षीय समीर ने रोज 100 किलो मीटर दौड़कर 10,000 किलो मीटर की दूरी तय की और इतिहास रच दिया. उन्होंने 29 अप्रैल को दौड़ना शुरु किया था. बीच में एक दिन चोट लग जाने की वजह से वे सिर्फ 50 किलो मीटर  ही दौड़ पाए थे लेकिन उन्होंने इस दूरी को धीरे धीरे पूरा कर लिया. 

1972 में मंदसौर के गांव कान्याखेड़ा में जन्मे समीर ने कहा, "मैं बचपन में अपने दोस्तों को छेड़कर भाग जाता था, तो कोई उन्हें पकड़ ही नहीं पाता था. उसी वक्त अंदाजा हो गया था कि वे दौड़ने के लिए पैदा हुए हैं." समीर बताते हैं कि 2004-05 में उन्होंने पहली मैराथन रेस में हिस्सा लिया था. इससे पहले तक उन्होंने मैराथन का नाम भी नहीं सुना था. जब उन्हें पता चला इसमें अच्छे पैसे मिलते हैं तो मुंबई चले आए.  

समीर ने कहा, "2008 में केन्या के रेसर को देखा तो लगा उन्हें हराना असंभव है. तब रेस की दूरी बढ़ाने का फैसला किया. फिर अमेरिका की सेल्फ ट्रांसेंडेंस 3100 माइल रेस के बारे में पता चला. इसमें 52 दिनों में 3100 मील, यानी 4988.9 किमी दौड़ते हैं. तय किया कि इससे दोगुना दौड़ना है. पिछले साल 100 दिन में 10 हजार किमी दौड़ने की योजना बनाई और अपने गुरु इस्कॉन टेंपल के राधिका कन्हाई प्रभु जी के पास गया. उन्होंने वृंदावन जाने को कहा. और बोले कि वहां रुकने-खाने की व्यवस्था हो जाएगी. नवंबर 2016 में वृंदावन चला गया. शुरुआत 10 किमी दौड़कर शहर परिक्रमा से होती, फिर राधाकुंड तक 21 किमी, वहां से गोवर्धन की 24 किमी की परिक्रमा और फिर 21 किमी की वापसी. यानी रोज 75 किमी की दौड़ होने लगी. पहले सप्ताह में दो-तीन दिन और बाद में हफ्ते में 6 दिन तक बढ़ा लिया. यह सिलसिला इस साल 22 मार्च तक चला. फिर मुंबई लौट आया. आखिरकार 29 अप्रैल को दौड़ शुरू कर दी और आज पूरी भी कर ली." 

समीर ने जब मुंबई की सड़कों पर हर रोज 100 किलोमीटर की दौड़ शुरु की तो उन्हें देखने वाले हैरान रह गए. उनकी इस दौड़ में कई लोग हिस्सा भी बने जो बीच बीच में उनके साथ दौड़ लगाने लगते थे. इसके लिए बकायदा सोशल मीडिया पर 'The Faith Runner' के नाम से कैंपेन भी शुरु की गई. 

Source:zeenews.com

चीन ने भी उत्तर कोरिया का साथ छोड़ दिया

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर उसके मिसाइल कार्यक्रम के आरोप में नए प्रतिबंध लगाने की मंजूरी दी है जिससे चीन ने भी सहमति जताई है.

उत्तरी कोरिया के निर्यात और निवेश को सीमित करने के बारे में प्रस्ताव सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियां लगाने के लिए सहमत हो गई है.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने इन्हें एक समय में किसी भी देश पर लगाई गई सबसे कड़ी पाबंदियां बताया ह

कितना नुकसान?

उत्तर कोरिया ने जुलाई में दो इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण करते हुए यह दावा किया था कि अब उसके पास अमरीका तक मार करने की क्षमता है.

हालांकि जानकारों को इन मिसाइलों की क्षमता पर संदेह हैं.

इन परीक्षणों की दक्षिण कोरिया, जापान और अमरीका ने कड़ी निंदा की थी और यहीं से उत्तर कोरिया पर नई पाबंदियों की भूमिका तैयार हुई.

चीन को कोयले, कच्ची धातु और दूसरे कच्चे माल का निर्यात उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था का बड़ा स्रोत है.

एक अंदाज़ के मुताबिक, उत्तर कोरिया हर साल करीब तीन अरब डॉलर का सामान बाहर के देशों में बेचता है और नई पाबंदियों से उसका एक अरब डॉलर का व्यापार ख़त्म हो सकता है.

'पूरी दुनिया एक'

इसी साल चीन ने उत्तर कोरिया पर दबाव बनाने के लिए कोयले का निर्यात रद्द कर दिया था.

हालांकि बार बार पाबंदियां लगने के बावजूद मिसाइल कार्यक्रम को लेकर उत्तर कोरिया के रुख़ में कोई बदलाव नहीं आया है.

सुरक्षा परिषद में वीटो ताक़त वाले और उत्तर कोरिया के इकलौते अंतरराष्ट्रीय मित्र देश चीन ने भी इस प्रस्ताव के समर्थन में वोट किया. इससे पहले उसने कई बार उत्तर कोरिया का पक्ष लिया है.

अमरीकी राजदूत ने कहा कि सुरक्षा परिषद ने बैलिस्टिक मिसाइल गतिविधियों की वजह से उत्तर कोरिया की सज़ा 'एक नए स्तर तक' बढ़ा दी गई है.

उन्होंने चीन के समर्थन की भी तारीफ की और कहा, 'आज सुरक्षा परिषद ने एक साथ आकर उत्तर कोरियाई तानाशाह को संदेश दिया है. उत्तर कोरिया की ग़ैरज़िम्मेदार और लापरवाह हरक़तें उसके लिए भारी पड़ी हैं.'

उ. कोरिया के मिसाइल कार्यक्रम के जवाब में द. कोरिया और अमरीका के संयुक्त अभ्यास की यह तस्वीर दक्षिण कोरियाई रक्षा मंत्रालय ने 29 जुलाई को जारी की थी

उत्तर-दक्षिण मुलाकात?

चीनी राजदूत लिउ जिएई ने कहा कि प्रस्ताव ने दिखाया है कि कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु गतिविधियों के संबंध में पूरी दुनिया का रुख़ अब एक है.

उन्होंने अमरीका के उस बयान की तारीफ़ की कि वह उत्तर कोरिया में सत्ता परिवर्तन या कोरिया का एकीकरण नहीं चाहता है.

लेकिन रूसी राजदूत के साथ उन्होंने अमरीका की दक्षिण कोरिया में एंटी-मिसाइल सिस्टम तैनात करने की आलोचना की और यह प्रक्रिया रोकने की मांग की.

उत्तर कोरिया के लगातार मिसाइल परीक्षणों की उसके पड़ोसी दक्षिण कोरिया ने आलोचना की है.

लेकिन दक्षिण कोरिया का यह भी कहना है कि वह इस हफ्ते के अंत में एक क्षेत्रीय बैठक के दौरान उत्तर कोरिया से सीधी बातचीत कर सकता है.

विदेश मंत्री कांग क्यूंग-व्हा ने दक्षिण कोरियाई समाचार एजेंसी योनहाप से कहा कि अगर स्वाभाविक तौर पर ऐसा मौक़ा आया तो वह प्योंगयांग में अपने समकक्ष से बात करना चाहेंगी. असोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के विदेश मंत्री फिलीपींस के मनीला में मिल रहे हैं.

Source:bbc.com

रूस के मंत्री ने कहा, अमेरिका ने पेरिस समझौते से अलग होकर भयानक गलती की

मास्को: रूस ने अमेरिका के पेरिस समझौते से खुद को अलग करने के निर्णय को 'बड़ी गलती' करार देते हुए आलोचना की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्राकृतिक संसाधन व पर्यावरण मंत्री सर्गेई दोंसकोई ने फेसबुक पर लिखा, ‘यह एक भयानक गलती है!!! राष्ट्रपति ट्रंप वास्तव में इस समझौते के सबसे महत्वपूर्ण सदस्य (अमेरिका) को अलग कर रहे हैं।’

दोंसकोई ने कहा, ‘इतिहास के संदर्भ में अप्रत्याशित कुछ भी नहीं है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिए हुए अंतर्राष्ट्रीय समझौते क्योटो प्रोटोकॉल से अमेरिका को वापस कर लिया था, वही दोहराया है।’ अमेरिका ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र को औपचारिक रूप से जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते से वापसी के अपने फैसले की सूचना दी। ट्रंप ने हालांकि जून में ही समझौते को अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बताते हुए इससे अलग होने की बात कही थी।

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने शुक्रवार रात संवाददाताओंसे कहा, ‘पेरिस समझौते से अमेरिका के अलग होने का निर्णय ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और वैश्विक सुरक्षा को बढ़ावा देने के वैश्विक प्रयासों के बीच एक बड़ी निराशा है।’

सयुंक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बाद उत्तर कोरिया ने अमरीका को दी धमकी

चीन ने उत्तर कोरिया के खिलाफ़ संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंधों पर अपनी रजामंदी देने के बाद उत्तर कोरिया से मिसाइल परिक्षण रोकने का आग्रह किया है.

हालांकि, उत्तर कोरिया ने सयुंक्त राष्ट्र की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है.

लेकिन उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ राजनीतिक पार्टी के अख़बार रोडोंग सिनमन में छपे संपादकीय में अमरीका को नए प्रतिबंधों पर नतीजे भुगतने की धमकी दी है.

संपादकीय में लिखा गया है, "अमरीका जिस दिन हमारे देश को परमाणु बम और प्रतिबंधों से डराने की जुर्रत करेगा उस दिन अमरीका एक आग के दरिया में बदल जाएगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती."

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने उत्तर कोरियाई विदेश मंत्री के साथ लंबी बातचीत होने की बात कही है.

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने फिलीपींस के मनीला में उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो से मुलाकात की.

इस दौरान उन्होंने री योंग हो से सयुंक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का पालन करने का आग्रह किया.

हालांकि, उन्होंने इस बात का जिक्र नहीं किया कि उत्तर कोरियाई नेता ने इस आग्रह का क्या जवाब दिया.

सयुंक्त राष्ट्र की ओर से उत्तर कोरिया पर लगाए गए ताजा प्रतिबंधों को सभी सदस्यों की सहमति से पास कर लिया गया है.

चीनी विदेश मंत्री वेंग ने इन प्रतिबंधों को जरूरी बताया है लेकिन उन्होंने कहा है कि ये प्रतिबंध अंतिम लक्ष्य नहीं हैं.

उन्होंने कहा है कि वे उत्तर कोरिया को शांति से रहने और नए परिक्षण करके अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भड़काने का काम न करने को कह चुके.

चीनी नेता ने अमरीका और दक्षिण कोरिया को भी तनाव न बढ़ाने की सलाह दी है.

उन्होंने कहा है कि स्थिति बेहद गंभीर है लेकिन ऐसे मोड़ पर भी है जहां बातचीत हो सकती है.

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निकी हेली ने इन्हें एक समय में किसी भी देश पर लगाई गई सबसे कड़ी पाबंदियां बताया है.

Source:bbc.com

BLACK MONEY अब वापस लाना होगा आसान, स्विटजरलैंड ने पैक्‍ट का गजट नोटिफिकेशन जारी किया!

इस समझौते से स्विस बैंक में कालाधन रखने वालों की जानकारी सरकार तक लगातार पहुंच का रास्ता खुल जाएगा

स्विट्जरलैंड से ब्‍लैकमनी वापस लाने की दिशा में भारत को बड़ी कामयाबी मिल सकती है. मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि स्विट्जरलैंड सरकार ने उस पैक्‍ट का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके तहत वहां जमा होने वाली ब्‍लैकमनी की जानकारी भारत सरकार को रियल टाइम बेसिस पर मिल सकेगी,स्विट्जरलैंड सरकार ने यह भी कहा है कि इस पैक्‍ट में शामिल होने के लिहाज से भारत सरकार के डाटा सिक्‍युरिटी और कानून काफी हैं.

नई दिल्ली: स्विट्जरलैंड से ब्‍लैकमनी वापस लाने की दिशा में भारत को बड़ी कामयाबी मिल सकती है. मीडिया सूत्रों के हवाले से खबर है कि स्विट्जरलैंड सरकार ने उस पैक्‍ट का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके तहत वहां जमा होने वाली ब्‍लैकमनी की जानकारी भारत सरकार को रियल टाइम बेसिस पर मिल सकेगी,स्विट्जरलैंड सरकार ने यह भी कहा है कि इस पैक्‍ट में शामिल होने के लिहाज से भारत सरकार के डाटा सिक्‍युरिटी और कानून काफी हैं.

स्विट्जरलैंड सरकार ने ऑटोमैटिक सूचना आदान-प्रदान समझौते के लिए भारत के डेटा सुरक्षा और गोपनीयता के कानून को पर्याप्त बताया है. इस समझौते से स्विस बैंक में कालाधन रखने वालों की जानकारी सरकार तक लगातार पहुंच का रास्ता खुल जाएगा.

'भारत के साथ वित्तीय खातों की जानकारी स्वत: आदान-प्रदान' को लेकर आधिकारिक गजेट में प्रकाशित विस्तृत नोटिफिकेशन और फैक्ट शीट में स्विस गवर्नमेंट ने इसी तरह के समझौते के लिए अन्य वित्तीय केंद्रों के फैसले का भी हवाला दिया है.

डेटा को पर्याप्त सुरक्षा देने वाले देशों में भारत को मान्यता देने के लिए स्विट्जरलैंड ने अमेरिकी टैक्स अथॉरिटी, इंटरनल रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) का भी संज्ञान लिया. जर्मन में छपे फैक्ट शीट और नोटिफिकेशन में इस बात का भी जिक्र है कि स्विट्जरलैंड बीमा और दूसरे वित्तीय सेवाओं सहित भारतीय बाजार में अधिक पहुंच बनाने की संभावना तलाश रहा है.

गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड ने भारत और 40 अन्य देशों के साथ अपने यहां संबंधित देश के लोगों के वित्तीय खातों, संदिग्ध काले धन से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था को इस साल जून में मंजूरी दे दी थी. उसने कालेधन की सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान के लिए गोपनीयता की शर्त रखी है. बताया जा रहा है कि अमेरिका समेत कई यूरोपी और एशियाई देश भी इस पैक्‍ट का हिस्‍सा हैं.

मीडिया सूत्रों के मुताबिक पैक्ट 2018 में लागू होना है और 2019 से भारत सरकार को डाटा मिलने लगेगा. गजट नोटिफिकेशन के बाद रियल टाइम डाटा मिलने की उम्मीद है. भारत में ब्‍लैकमनी एक बड़ा मसला रहा है. स्विट्जरलैंड को उन देशों में गिना जाता रहा है जहां भारत की सबसे ज्‍यादा ब्‍लैकमनी जमा है.भारत की चर्चा करते हुए इस फैक्‍टशीट में कहा गया है कि  भारत ने इन पैक्‍ट को लागू करने के लिए जरूरी कमिटमेंट दिखाया है.

भारत ने अपने घरेलू और टैक्‍स कानून में कई बदलाव करने के साथ इसके लिए बेहतर माहौल भी तैयार किया है. फैक्‍टशीट के मुताबिक, एक्‍सपर्ट पैनल ने डाटा सिक्‍युरिटी और सीक्रेसी से जुड़े भारत के कानून को बेहतर पाया है.

Source:zeenews.com

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, पेंशन जारी कराने के लिए नहीं जाना होगा बैंक

नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके पेंशन भुगतान आदेश पीपीओ की प्रतिलिपि, कर्मियों के सेवानिवृत के समय ही देने का फैसला लिया है। कार्मिक मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा, ‘जैसे ही केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय की तरफ से पीपीओ तैयार कर दिया जाएगा उसी वक्त बाकी कागजात के साथ ही उसकी भी एक कॉपी बैंक को भी भेज दी जाएगी’।

मंत्रालय ने मौजूदा नियमों के बारे में बताया कि पेंशनभोगी या सेवानिवृत सरकारी कर्मचारियों को उनके पेंशन शुरू होने से पहले एक प्रमाणपत्र पेंशन बांटने वाले बैंक में जमा कराना होता था। लेकिन अब केंद्र सरकार के सभी विभागों को हाल में एक आदेश जारी कर कहा गया है कि पेंशन के पहले भुगतान के लिए पेंशनभोगी को अब बैंक जाने की कोई जरूरत नहीं है।

जारी किये गए आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय पेंशन लेखा कार्यालय से पीपीओ की बैंक की प्रतिलिपि भेजे जाने के बाद पेंशनभोगी की प्रतिलिपि उसे सेवानिवृति के मौके पर अन्य रिटायरमेंट एरियर्स के साथ दे दी जाएगी।

यदि किसी कर्मचारी को लगता है कि उसके लिए उसके पीपीओ की बैंक की प्रतिलिपि बैंक से लेना ज्यादा आसान है तो उसे इस बारे में अपने कार्यालय के प्रमुख को सेवानिवृति के दस्तावेज जमा करते हुए लिखित में सूचित करना होगा। कार्मिक मंत्रालय ने कहा कि यह आदेश एक अगस्त से मान्य माना जायेगा।

Source:jagran.com

ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन को 40 अरब यूरो देने को तैयार!

लंदन, रायटर। यूरोपीय यूनियन छोड़ने के हर्जाने के तौर पर ब्रिटेन 40 बिलियन यूरो (तीन लाख करोड़ रुपये) देने को तैयार हो गया है। यह जानकारी ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट में आई है। सनडे टेलीग्राफ के अनुसार तीन अधिकारियों ने इस धनराशि का आकलन किया है और जल्द ही उससे संबंधित प्रस्ताव बनाकर यूरोपीय यूनियन के समक्ष रखा जाएगा।

यूरोपीय यूनियन ने 60 बिलियन यूरो की अपेक्षा की है। ब्रिटिश सरकार और यूरोपीय यूनियन के बीच संबंध विच्छेद को लेकर वार्ता शुरू हो चुकी है और यह जल्द ही जटिल मुद्दों पर पहुंच जाएगी। ब्रेक्जिट के लिए गठित ब्रिटिश मंत्रालय ने 40 बिलियन यूरो का हर्जाना देने की खबर पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इन्कार कर दिया है। मीडिया सूत्रों के अनुसार ब्रिटिश मसौदे में 10 बिलियन यूरो प्रति वर्ष देने का प्रस्ताव होगा।

यह धनराशि मार्च 2019 में ब्रिटेन के औपचारिक रूप से यूरोपीय यूनियन छोड़ने के बाद दी जाएगी। अखबार के अनुसार 40 बिलियन यूरो की धनराशि में मामूली हेरफेर संभव है, क्योंकि प्रधानमंत्री टेरीजा मे इतनी धनराशि का हर्जाना देने को तैयार नहीं हैं। वैसे बैंक ऑफ इंग्लैंड का मानना है कि हर्जाना राशि से ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था पर बोझ पड़ेगा और उसके कुछ दुष्परिणाम भी झेलने पड़ सकते हैं।

Source:jagran.com

खुशखबरी: SC का आदेश,यूपी पुलिस में 3500 उपनिरीक्षक नियुक्त होंगे


उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस में 6 साल से स्थगित 3,500 से अधिक उपनिरीक्षकों और प्लाटून कमांडरों के चयन एवं नियुक्तियों को हरी झंडी दिखा दी है। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय की इलाहाबाद और लखनउ स्थित दोनों पीठों द्वारा समय समय पर दिए गए निर्देशों पर रोक लगा दी और उन्हें  2011 में बसपा सरकार के समय शुरू हुई पुलिस अधिकारियों की चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया के संबंध में किसी भी याचिका पर विचार करने से रोक दिया।

पूर्ववर्ती सपा सरकार ने भी इस प्रक्रिया को आगे ले जाने के प्रयास किए थे, लेकिन कई मुकदमों के चलते सफलता नहीं मिली। वर्तमान भाजपा सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि पुलिसकर्मियों की अत्यंत आवश्यकता है क्योंकि छह साल से उपनिरीक्षकों के पदों के लिए कोई नियुक्ति नहीं हुई है।

न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति आर भानुमति की पीठ ने कई अपीलों पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया जो 3,533 उम्मीदवारों में से आखिरी उम्मीदवार का प्रशिक्षण पूरा न होने तक जारी रहेगी।

Source:livehindusthan.com

Saturday, 5 August 2017

चीनी विशेषज्ञ बोले- अरुणाचल प्रदेश पर चीन का दावा बेबुनियाद

बीजिंग, प्रेट्र। चीन में रणनीतिक मामलों के जानकार ने अरुणाचल प्रदेश पर अपने ही देश के दावे को बेबुनियाद ठहराया है। उनका कहना है कि चीन के लिए अरुणाचल महत्वपूर्ण नहीं है। यह केवल चिकन रिब (सूखी हड्डी) जैसा है।

सामरिक मामलों के चीनी जानकार वांग ताओ ताओ ने कहा, 'चीन और भारत के बीच विवादित क्षेत्र को लेकर वर्षो से तल्ख रिश्ता है। ये विवादित क्षेत्र जो कि राष्ट्रीय जुनून बन गया है, वास्तव में यह चीन के लिए बिल्कुल महत्वपूर्ण नहीं है। यह क्षेत्र चीन के लिहाज से सूखी हड्डी से ज्यादा नहीं है। इस क्षेत्र को लेकर विवाद अर्थहीन है।'

उल्लेखनीय है कि चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत बताता है। अप्रैल में चीन ने दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा के विरोध में प्रदेश के छह स्थानों के लिए मानक चीनी नाम भी जारी किए थे। चीनी मीडिया का कहना था कि ये नामकरण राज्य पर चीनी दावे को पुख्ता करने के लिए किया गया।

Source:jagran.com

सुषमा के बयान पर राज्यसभा में हो सकता है संग्राम, कांग्रेस ने दिया विशेषाधिकार हनन का नोटिस

नई दिल्ली।विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ विपक्ष राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएगा। विपक्ष का आरोप है सुषमा ने सदन में झूठ बोला। विपक्ष की ओर से कहा जा रहा है कि भारत की विदेश नीति के विषय में कथित तौर पर सदन को गलत सूचना देने के कार राज्यसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएंगे। मिली जानकारी के अनुसार अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से 2 विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए जाएंगे।

प्रस्ताव कथित तौर पर बानडुंग एशिया अफ्रीका संबंधों पर सम्मेलन और साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर दौरे के बार में गलत जानकारी देने के लिए दिए जाएंगे। कहा जा रहा है कि सुषमा का दावा है कि उन्होंने बानडुंग में कोई भाषण नहीं दिया लेकिन विपक्षी ने दलों ने कथित तौर पर उनका भाषण डाउनलोड किया है और इस बतौर साक्ष्य सदन में पेश करेंगे।

इसके साथ ही 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लाहौर दौरे के बार में गलत जानकारी देने के लिए विशेषाधिकार प्रस्ताव दिए जाएंगे जिसमें कहा गया था कि उसके बाद से कोई आतंकी हमला नहीं हुआ था।

विपक्ष ने इस बात पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि पीएम मोदी के दौरे के बाद तुरंत बाद पठानकोट समेत 5 अन्य आतंकी घटनाएं हुईं। इसके साथ सुषमा के उस बयान पर भी विशेषाधिकार प्रस्ताव दिया जा सकता है कि जिसमें उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की तुलना पीएम मोदी से की थी। सुषमा ने सदन में कहा था कि 'प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने व्यक्तिगत रूप से सम्मान कमाया,लेकिन पीएम मोदी ने पूरे विश्व भर में देश को सम्मान दिलाया।'

Source:aajtak.in

नायडू के लिए वोटिंग प्रैक्टिस में फेल हो गए BJP के 10 सांसद

एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार वेंकैया नायडू के लिए वोटिंग की प्रैक्टिस में बीजेपी के 10 सांसद समेत कुल 16 सांसद फेल हो गए हैं. एनडीए की मीटिंग में सभी सांसदों को डमी वोटिंग के जरिए उपराष्ट्रपति चुनाव के मतदान की प्रैक्टिस कराई गई, जिनमें से 10 बीजेपी सांसदों समेत कुल 16 सांसदों के वोट अवैध निकले. शनिवार को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे.

इन सांसदों को फिर से बताया गया कि कैसे सही वोट देना है. इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए, जिसमे मालिनी अवस्थी ने भोजपुरी गीत सुनाया. उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से पहले सभी एनडीए और अन्य सहयोगी दलों के सांसद कल सुबह नौ बजे संसद लाइब्रेरी बिल्डिंग में इकट्टा होंगे.

शुक्रवार को बीजेपी ने NDA के सभी सांसदों के लिए मतदान से पहले प्रैक्टिस का सेशन रखा था, जिसमें कुल 16 सांसदों के वोट को नियम के अनुसार रद्द माना गया. अमित शाह ने मतदान की प्रैक्टिस में जिन 16 सांसदो के वोट रद्द हुए, उसे दुखद बताया और सभी सांसदों से अपील की कि कल ध्यान से मतदान करे और कोई गलती नहीं करें.

 
मालूम हो कि NDA ने वेंकैया नायडू को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया है. उपराष्ट्रपति उम्मीदवार बनने के बाद नायडू ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. नायडू के जिम्मे आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय की कमान थी. साथ ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को दिया गया. इसके अलावा शहरी विकास मंत्रालय का अतिरिक्त जिम्मा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को दिया गया.

Source:aajtak.in