Thursday, 17 May 2018

कानूनी प्रकिया के बिना किसी को जेल भेजने का मतलब हम सभ्य समाज में नहीं: सुप्रीम कोर्ट

कानूनी प्रकिया के बिना किसी को जेल भेजने का मतलब हम सभ्य समाज में नहीं: सुप्रीम कोर्ट


सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट को लेकर केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रहा कि पुराना आदेश बना रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर एकतरफा बयानों के आधार पर किसी नागरिक पर गिरफ्तारी की तलवार लटके तो समझिए हम सभ्य समाज में नहीं रह रहे हैं। आगे कहा कि संसद भी ऐसा कानून नहीं बना सकती जो नागरिकों के जीने के अधिकार का हनन करता हो और बिना प्रक्रिया के पालन के सलाखों के पीछे डालता हो। कोर्ट ने ये आदेश अनुच्छेद 21 ते तहत जीने के अधिकार को संरक्षण देने के लिए दिया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने इस एससी/एसटी अत्याचार निवारण एक्ट-1989 के दुरुपयोग होने का हवाला देते हुए इसके तहत दर्ज मामलों में तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दिया था। फिलहाल इस मामले में कोर्ट छुट्टियों के बाद सुनवाई करेगा


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