चीन के दो और अंसतुष्ट नेताओं का भारत वीजा रद्द
उइगर नेता डोल्कन ईसा के बाद भारत ने गुरुवार को कथित तौर पर दो और असंतुष्ट चीनी नेताओं का वीजा रद्द कर दिया। चीन में लोकतंत्र के समर्थन में हुए थ्येनमान चौक आंदोलन की नेता लिउ जिंगुआ को न्यूयॉर्क में एयर इंडिया की फ्लाइट पकड़ने से ठीक पहले इसकी जानकारी मिली। हांगकांग निवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता रे वोंग का वीजा भी खारिज हो गया।
इन सभी नेताओं को धर्मशाला में 30 अप्रैल से लोकतंत्र के मुद्दे पर हो रहे सम्मेलन में हिस्सा लेना था। इस सम्मेलन में कई धर्मों और जातीय समुदायों के नेता शिरकत करने वाले हैं। जिंगुआ ने ट्वीट कर बताया कि उन्हें एयर इंडिया की ओर से फैसले की जानकारी मिली। जबकि उन्हें ईमेल के जरिये ई वीजा मंजूरी का संदेश मिला था।
उल्लेखनीय है कि ईसा को पहले वीजा देने और बाद में उसे रद्द करने को लेकर सरकार को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। चीन ने ईसा को आतंकवादी और सैकड़ों लोगों का हत्यारा बताते हुए उन्हें वीजा दिए जाने का विरोध किया था। ईसा के मामले में सरकार ने कहा था कि रेड कार्नर नोटिस होने के कारण उन्हें भारत दौरे की इजाजत नहीं दी जा सकती। हालांकि ताजा मामलों में सरकार की सफाई अभी नहीं आई है।
वोंग पर चीन के नव वर्ष पर मोंग कोक इलाके में दंगा फैलाने के आरोप में गिरफ्तार के बाद हाल ही में जमानत मिली है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों का कहना है कि तमाम कार्यकर्ता पर्यटन वीजा पर पहले भी भारत की यात्रा करते रहे हैं। लेकिन ईसा का मामला गरमाने के बाद दूसरे नेता भी सुर्खियों में आ गए। गौरतलब है कि बीजिंग के थ्येनमान चौक पर लोकतंत्र के समर्थन में हुए कई माह से चल रहे आंदोलन को चीन सरकार ने चार जून 1989 को कुचल दिया था। चीनी सेना की कार्रवाई में सैकड़ों छात्र मारे गए थे।
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